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21 सितंबर से स्कूल खोले जाने पर, जानिए क्या बोले शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक

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नई दिल्ली: भारत की नरेंद्र मोदी सरकार ने अनलॉक प्रक्रिया के चौथे चरण (Unlock-4) में सोमवार यानी 21 सितंबर से स्कूलों को खोलने की अनुमति दी है। (School Reopening Update) इस पूरे मामले पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक (Ramesh Pokhriyal Nishank) ने कहा है कि स्कूलों को खोलने के लिए शित्रा मंत्रालय लगातार गृह मंत्रालय और स्वास्थ्य मंत्रालय से बात कर रहा है और मदद ले रहा है। रमेश पोखरियाल निशंक ने आश्वासन दिया है कि उनकी सरकार की पहली प्राथमिकता बच्चों की सुरक्षा है। सोमवार (21 सितंबर) से देश के कुछ राज्यों में स्कूल खुल रहे हैं तो वहीं कुछ राज्यों ने कोरोना का खतरा देखते हुए स्कूल खोलने से मना कर दिया है।

'जैसे-जैसे स्थितियां बेहतर होंगी, हम वैसे ही फैसला लेंगे'

'जैसे-जैसे स्थितियां बेहतर होंगी, हम वैसे ही फैसला लेंगे'

बीबीसी में छपी इंटरव्यू के मुताबिक, केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक (Ramesh Pokhriyal Nishank) ने कहा है कि देश में कोरोना को लेकर जैसे-जैसे हालात होंगे, हम उसी को दखते हुए बच्चों के हित में फैसला लेंगे। बच्चों की सुरक्षा के लिए हम गृह मंत्रालय और स्वास्थ्य मंत्रालय दोनों से मदद ले रहे हैं। हम हालातों की समीक्षा करने के बाद आगे का फैसला लेंगे।

हम परीक्षा कराने में सफल रहे: रमेश पोखरियाल निशंक

हम परीक्षा कराने में सफल रहे: रमेश पोखरियाल निशंक

रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा, हम अभी स्कूल खोले हैं, हम उस पर समीक्षा करेंगे, उसके बाद आगे के फैसले किए जाएंगे। बच्चों की सुरक्षा हमारे लिए सबसे ज्यादा अहम है। अभी-अभी हमने देश में परीक्षाएं कराई हैं, जो लोग इसका विरोध कर रहे थे, उन्होंने देखा कि हम इसमें सफल हुए हैं और ऐसा भी नहीं है कि बच्चे हमारे घर में बैठे हुए हैं। हम बच्चों को ऑनलाइन क्लास दे रहे हैं।

ये भी पढ़ें- School Reopening: सोमवार से किन राज्यों में खुलेंगे स्कूल और कहां रहेंगे बंद, जानिए नियम और पूरी गाइडलाइन्स

हम बच्चों का साल बर्बाद कर ही नहीं रहे हैं: शिक्षा मंत्री

हम बच्चों का साल बर्बाद कर ही नहीं रहे हैं: शिक्षा मंत्री

रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा है कि हम बच्चों का साल बर्बाद नहीं कर रहे हैं। सरकार ने पूरी ताकत के साथ काम किया है और इसका प्रमाण भी दिया है। हमारी सरकार बच्चों के भविष्य को प्राथमिकता देती है। बच्चों की सुरक्षा भी हमारे लिए बहुत जरूरी है।

कोरोना काल में बीते पांच महीने से ज्यादा हो गए हैं, बच्चे स्कूल नहीं गए हैं। हालांकि सरकार ऑनलाइन क्लास करवा रही है। कोरोना काल में अब जब स्कूल खुलने की बात हुई है तो अभिभावकों ने इसको लेकर नाराजगी जताई है। लेकिन सरकार ने ये निर्देश दिए हैं कि बच्चे स्कूल में तभी आएंगे, जब उनके माता-पिता या अभिभावकों लिखित में इजाजत देंगे।

21 सितंबर से खुल रहे हैं स्कूल, ये हैं गाइडलाइन्स

21 सितंबर से खुल रहे हैं स्कूल, ये हैं गाइडलाइन्स

सरकार ने साफ स्कूलों को खोलने का अंतिम फैसला राज्य सरकार के ऊपर छोड़ा है। प्रदेश की सरकार मौजूदा स्थिति को देखते हुए फैसला लेगी। लेकिन अगर स्कूल खुलते हैं तो इसके लिए केंद्र सरकार ने गाइडलाइन्स जारी किए हैं। जिसके अनुसार,स्कूल में सिर्फ 9वीं से 12वीं तक के ही छात्रों को बुलाया जाएगा। कंन्टेन्मेंट जोन वाले स्कूल नहीं खुलेंगे और कंन्टेन्मेंट जोन वाले छात्राओं, शिक्षकों और कर्मचारियों को स्कूल नहीं आने दिया जाएगा।

मास्क पहनना और स्कूल में 6 फीट की दूरी बनाकर रखना अनिवार्य होगा। एंट्री पर थर्मल स्‍क्रीनिंग होगी। केवल 50 फीसदी टीचर्स और स्‍टाफ के साथ स्‍कूल खुलेंगे। स्कूल कैंपस में कहीं भी थूकने पर मनाही होगी।

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English summary
education minister Ramesh Pokhriyal Nishank on School Reopen 21 september. Ramesh Pokhriyal Nishank has said that the first priority of the government is the safety of children.
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