तेलंगाना में आर्थिक स्थिति होगी मुस्लिम आरक्षण का आधार, 4 प्रतिशत लोगों को मिलेगा लाभ: केटीआर
तेलंगाना सराकर में मंत्री व दिग्गज बीआरएस नेता के तारक राम ने कहा है की राज्य में मुस्लिम आरक्षण का आधार आर्थिक स्थिति होगी। अगर राज्य में बीआरएस की सरकार बनेगी तो इसे पूरी तरह पारदर्शी तरीके से लागू किया जाएगा। केटीआर ने मुस्लिम आरक्षण के मुद्दे पर बीजेपी और कांग्रेस समेत उन दलों को निशाने पर लिया जिन्होंने बीआरएस की घोषणा पर सवाल उठाए थे।
बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष केटीआर ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मुस्लिम आरक्षण के बयान पर तीखी टिप्पणी की। गृहमंत्री व बीजेपी नेता शाह के बयान के निशाने पर लेते हुए केटीआर ने कहा, " 4 प्रतिशत मुस्लिम आरक्षण धर्म के आधार पर नहीं है बल्कि सामाजिक-आर्थिक स्थिति के आधार पर है। अमित शाह को बोलने से पहले सोचना चाहिए। दूसरे, हम जानते हैं कि भाजपा क्या करती है और क्या करने का प्रयास कर रही है। यह ध्रुवीकरण करने की कोशिश कर रहा है। लेकिन वे इस बार विफल हो जाएंगे।"

वहीं तेलंगाना की आर्थिक स्थिति पर कांग्रेस नेता जयराम रमेश एक बयान पर न्यूज एजेंसी एएनआई के एस सवाल के जवाब केटीआर ने कहा कि कांग्रेस को अध्ययन करने की जरूरत है। कांग्रेस नेता जयराम रमेश को बयान पर पलटवार करते हुए केटीआर ने कहा, "उन्हें सामाजिक-आर्थिक सर्वेक्षण पढ़ना चाहिए। आज अगर हम तेलंगाना को देखें तो वहां 33 जिले हैं. इन सभी जिलों की प्रति व्यक्ति आय राष्ट्रीय औसत से अधिक है। इसलिए, उन्हें इसे एक बार फिर से पढ़ना चाहिए।"
दरअसल, अमित शाह ने कि अगर तेलंगाना में भाजपा सरकार सत्ता में आएगी तो मुस्लिम आरक्षण खत्म कर देगी। तेलंगाना के राजेंद्र नगर विधानसभा क्षेत्र में पार्टी के उम्मीदवार थोकला श्रीनिवास रेड्डी के साथ भाजपा के रोड शो के दौरान शाह ने कहा, "हमने बहुत सारे वादे किए हैं। उनमें से एक ये है कि सीएम पिछड़ा वर्ग से बनाया जाएगा। हम मुस्लिम आरक्षण खत्म करेंगे और एससी, एसटी और ओबीसी को आरक्षण देंगे। हमने मडिगा समुदाय को ऊर्ध्वाधर आरक्षण देने का भी वादा किया है।"












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