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भारत के Missile system को लेकर DRDO चीफ ने कही बहुत बड़ी बात, सेना जो चाहेगी....

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नई दिल्ली- रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन के प्रमुख जी सतीश रेड्डी ने बुधवार को भारत के मिसाइल सिस्टम के पूरे होने को लेकर बहुत बड़ी जानकारी दी है। उन्होंने कहा है कि अगले-4-5 वर्षों में डीआरडीओ भारतीय सशस्त्र सेना को अपना अपना पूरा मिसाइल सिस्टम तैयार करने में मदद कर सकता है। रेड्डी ने कहा है कि 'इन सभी चीजों पर काम करने में और पूरे मिसाइल सिस्टम को वास्तविक बनाने में हमें संभत: 4 से 5 साल लग जाएंगे, जो कि काफी अच्छी दूरी तक काम करने में सक्षम होगा।' स्वदेश में विकसित रुद्रम-1 समेत पिछले दो महीनों में भारत ने 10 मिसाइलों का परीक्षण किया है। रुद्रम-1 एक एंटी-रेडिएशन मिसाइल है, जो दुश्मनों के रडार को पकड़ सकता है और विशेष तौर पर उन्हें निशाना बना सकता है, जो प्रतिरोध की पहली लहर को तोड़कर और भी ज्यादा नुकसान पहुंचाने के लिए जगह बनाने में मदद कर सकता है।

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    DRDO Chief said big about Indias Missile system, whatever the army wants

    रुद्रम के अलावा डीआरडीओ ने ब्रह्मोस मिसाइल के बढ़े हुए रेंज का भी परीक्षण किया है। इनके अलावा सुपरसोनिक मिसाइल-असिस्टेड रिलीज ऑफ टारपीडो एंटी-सबमरीन वॉरफेयर, हाइपरसोनिक न्यूक्लिटर कैपेबल शॉर्य और हाइपरसोनिक टेक्नोलॉजी डिमॉन्स्ट्रेटर व्हीकल का भी परीक्षण किया गया है। ये मिसाइल परीक्षण उस दौरान किए गए हैं, जब पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर भारतीय सेना चीन की पीएलए के सामने मोर्चा संभाल रही है। डीआरडीओ चीफ ने कहा है कि अब उनका संगठन सेना की जरूरतों को पूरा कर सकता है। उन्होंने कहा है, 'हम अब किसी भी तरह के मिसाइल सिस्टम विकसित करने में सक्षम हैं, जो सेना चाहेगी।'

    डीआरडीओ की ओर से मिला यह भरोसा यह दिखाता है कि डिफेंस सेक्टर भी स्वदेशी वेपन सिस्टम विकसित करने पर पूरा जोर लगा रह है, जिससे आत्मनिर्भर भारत अभियान को भी बढ़ावा मिलेगा। रेड्डी ने इस बात की ओर भी इशारा किया कि चीन के साथ संघर्ष में उलझी सेना के लिए मिसाइलें डीआरडीओ के अत्याधुनिक हथियार विकसित करने के प्रयासों का ही हिस्सा हैं। वो बोले कि, 'डीआरडीओ कई तरह के वेपन सिस्टम विकसित करने में लगा हुआ है। कोविड-19 के दौरान भी वैज्ञानिक इसपर लगातार काम कर रहे हैं। सभी मैच्योर्ड हो गए हैं और इसलिए जब भी कोई सिस्टम तैयार होता है, हम उसे विकसित करने के लिए आगे का ट्रायल शुरू कर देते हैं।......कई टेक्नोलॉजी का मैच्युरिटी लेवल इतना है कि हमारी उड़ानें काफी सफल रही हैं। '(तस्वीर- प्रतीकात्मक)

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    English summary
    DRDO Chief speaks big about India's complete Missile system,can have in 4-5 years
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