'अगर आप चुनाव लड़ना नहीं जानते तो ईवीएम को दोष न दें', उमर की टिप्पणी के बाद भाजपा ने राहुल पर कसा तंज
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की कांग्रेस के बारे में हाल ही में की गई टिप्पणी को राहुल गांधी की आलोचना करने के लिए भुनाया है। अब्दुल्ला ने विपक्षी गठबंधन में कांग्रेस के नेतृत्व पर सवाल उठाते हुए कहा कि नेतृत्व अर्जित किया जाना चाहिए, न कि ग्रहण किया जाना चाहिए।

भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने भी इसी भावना को दोहराते हुए कहा कि नेतृत्व के गुण थोपे नहीं जा सकते।एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पात्रा ने गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि 'अगर उनमें चुनावी कौशल की कमी है तो उन्हें इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) को दोष नहीं देना चाहिए।'
उन्होंने अब्दुल्ला द्वारा गांधी को दिए गए स्पष्ट संदेश को उजागर किया, जो लोकसभा में विपक्ष के नेता के आचरण से उपजा है। पात्रा ने दावा किया कि कांग्रेस के सहयोगी भी अब गांधी परिवार और मुख्य विपक्षी दल से जुड़ी विरासत से वाकिफ हैं।
अब्दुल्ला ने पहले कांग्रेस से आग्रह किया था कि वह भारत ब्लॉक के भीतर अपनी नेतृत्वकारी भूमिका को सही ठहराए, न कि उसे स्वीकार करे। उन्होंने ईवीएम पर कांग्रेस की आपत्तियों को खारिज कर दिया, भाजपा के इस रुख से सहमति जताते हुए कि जीत के बाद चुनाव परिणाम स्वीकार नहीं किए जा सकते और हारने पर ईवीएम को दोष नहीं दिया जा सकता।
अब्दुल्ला ने कहा, "जब संसद के सौ से अधिक सदस्य एक ही ईवीएम का इस्तेमाल करते हैं और आप इसे अपनी पार्टी की जीत के रूप में मनाते हैं, तो आप कुछ महीने बाद पलटकर यह नहीं कह सकते... हमें ये ईवीएम पसंद नहीं हैं क्योंकि अब चुनाव परिणाम उस तरह नहीं आ रहे हैं जैसा हम चाहते हैं।"
पात्रा ने अब्दुल्ला द्वारा ईवीएम पर संदेह को खारिज करने का भी उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने लोकसभा चुनाव में हार के बाद जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनावों में अपनी पार्टी की सफलता का उल्लेख किया। इससे चुनाव परिणामों के आधार पर ईवीएम की विश्वसनीयता पर सवाल उठाने के खिलाफ उनके रुख को और मजबूती मिली।












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