तमिलनाडु में ओमिक्रॉन के डर से डॉक्टरों ने चोरी छिपे ली बूस्टर डोज, प्रशासन ने दिए एक्शन के संकेत
नई दिल्ली, दिसंबर 24। कोरोना के नए वेरिएंट ओमिक्रॉन से हर कोई दहशत में है। देश के अंदर जिस तरह ओमिक्रॉन के मामलों में बढ़ोतरी हो रही है, उससे ये साफ है कि जल्द देश में कोरोना की तीसरी लहर का आगमन हो जाएगा। ओमिक्रॉन के खतरे के बीच देश में बूस्टर डोज की मांग लगातार की जा रही है, लेकिन सरकार ने अभी तक बूस्टर डोज को आधिकारिक रूप से अधिकृत नहीं किया है। इस बीच तमिलनाडु से बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। वहां कई जगहों पर डॉक्टरों ने खुद ही बूस्टर डोज लेना शुरू कर दिया है।

प्राइवेट अस्पतालों से डोज ले रहे हैं डॉक्टर्स
टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक, तमिलनाडु की अलग-अलग जगहों पर डॉक्टरों ने ओमिक्रॉन के डर से चोरी-छुपे वैक्सीन की बूस्टर डोज ले ली है। यहां गौर करने वाली बात ये है कि अभी तक सरकार की तरफ से बूस्टर डोज को मंजूरी नहीं दी गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, ESI अस्पताल के एक डॉक्टर ने खुलासा किया है कि कुछ डॉक्टर निजी अस्पतालों से बूस्टर डोज ले रहे हैं, जहां कई महीनों से स्टॉक जमा है, जबकि अन्य सरकारी अस्पतालों से टीकों का उपयोग कर रहे हैं, जहां कई डॉक्टर हैं।
बूस्टर डोज लेने वाले डॉक्टरों के खिलाफ होगी कार्रवाई!
बूस्टर डोज लेने के ऐसे मामले सामने आने के बाद डॉयरेक्टर ऑफ पब्लिक हेल्थ डॉक्टर टीएस सेल्वाविनयगम ने वॉर्निंग जारी की है। उन्होंने कहा है कि केंद्र सरकार की तरफ से सिर्फ दो डोज की अनुमति दी हुई है, ऐसे में जो भी बूस्टर डोज ले या फिर दे रहा है, उसे सरकारी आदेशों के उल्लंघन का दोषी माना जाएगा और उसके खिलाफ कार्रवाई का जाएगी। उन्होंने कहा है कि ये अच्छा होगा कि हम सरकार की तरफ से आने वाले किसी नोटिफिकेशन का इंतजार करें।
कोविशील्ड की दो डोज से एंटीबॉडी का स्तर है कम!
वहीं तमिलनाडु के कई प्राइवेट और सरकारी अस्पतालों के अधिकतर डॉक्टर इस बात को लेकर विरोध कर रहे हैं कि सरकार बूस्टर डोज को अनिवार्य क्यों नहीं कर रही। उनका दावा है कि कोविशील्ड की दोनों डोज लेने के बाद भी एंटीबॉडी का स्तर काफी कम है, इसलिए बूस्टर डोज लेना जरूरी है। उनका कहना है कि उनके कई साथी ओमिक्रॉन के खतरे को देखते हुए बूस्टर डोज की मांग कर रहे हैं।












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