• search
क्विक अलर्ट के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  
For Daily Alerts

RT-PCR टेस्ट के बाद भी हो सकता है कोरोना, डॉक्टर्स दे रहे सीटी स्कैन करने की सलाह

|

अहमदाबाद, अप्रैल 20: देश में तेजी से कोरोना संक्रमण के मामलों में इजाफा हो रहा है। इस रफ्तार की जिम्मेदार कोरोना की नई लहर है, जो बहुत की तेज गति से एक के बाद एक करके बड़ी संख्या में लोगों को संक्रमित कर रही हैं। वहीं कोरोना की जांच के बाद संक्रमित होने का पता लगाना भी इस नई लहर में परेशानियों से भरा है, क्योंकि संक्रमण की जांच के लिए यूज किए जा रहे आरटी-पीसीआर टेस्ट भी इसको पकड़ नहीं पा रहे हैं।

rt pcr test

जानकारी के मुताबिक आरटी-पीसीआर टेस्ट में लगभग 80 फीसदी केस में कोरोना का पता लगाते हैं, ऐसे में डॉक्टर्स का कहना है कि टेस्ट होने के 24 घंटे बाद ही अगर सीटी स्कैन टेस्ट कराया जाए तो असली रिपोर्ट की जानकारी मिल सकती हैं। देश के कई राज्यों सहित गुजरात में कुछ ऐसा ही देखने को मिल रहा है। यहां आरटी-पीसीआर में रिपोर्ट निगेटिव है, लेकिन फिर भी लोग कोरोना वायरस से संक्रमित पाए जा रहे हैं। गुजरात में डॉक्टर आरटी-पीसीआर के जरिए टेस्टिंग करते हैं, लेकिन हाई रिजोल्यूशन सीटी स्कैन के अंदर उनके फेफड़ों में कोविड जैसा ही संक्रमण मिलने का खुलासा किया है। बताया जा रहा है कि अगर फेफड़ों में लाइट ग्रीन या फिर ब्राउन कलर के पैच दिखते हैं तो ये कोरोना के लक्षण होते हैं।

गुजरात: अस्‍पताल भरे तो यहां मस्जिद में हुई कोरोना मरीजों के लिए 50 बेड की फैसेलिटी

वडोदरा के प्राइवेट हॉस्पिटल्स के एक संगठन SETU के चेयरमैन डॉ. कृतेश शाह ने बताया कि मैं आरटी-पीसीआर में निगेटिव टेस्ट कर चुके मरीजों को लेकर आया, जहां उनके रेडियोलॉजिकल टेस्टिंग से पता चला है कि उनको अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत। सीटी स्कैन में एक मरीज का स्कोर 25 में से 10 है। इसका मतलब है कि उसके फेफड़े पहले ही प्रभावित हो चुके हैं। वहीं संक्रामक रोग विशेषज्ञ डॉ. हितेन करलिया का कहना है कि हम कई मामलों को देख रहे हैं, जहां रोगी को कोई लक्षण नहीं है या सिर्फ हल्का बुखार और कमजोरी है, लेकिन संक्रमण तेजी से फेफड़ों में फैलता है।

युवाओं को अधिक संक्रमित कर रहा है नया वायरस, गला सूखना और लाल आंखे होना है नए लक्षण

नंद अस्पताल के एमडी डॉ. नीरज चावड़ा ने बताया कि RT-PCR की संवेदनशीलता 70% है, जिससे साफ होता है कि निगेटिव रिपोर्ट में भी 30 फीसदी पॉजिटिव होने की संभावना है, लेकिन अगर सीटी स्कैन में सबूत है तो यह कोविड-19 है। ऐसे मामलों में हम बार-बार परीक्षण के लिए जाते हैं, जो संक्रमण की पुष्टि करते हैं। वहीं क्रिटिकल केयर स्पेशलिस्ट डॉ. जयेश डोबरिया ने कहा कि राजकोट में भी ऐसे ही मामले देखने को मिल रहे हैं। ऐसे कई केस हैं, जहां मरीज कोविड के लिए निगेटिव टेस्ट आ रहे हैं, लेकिन सीटी स्कैन से निमोनिया का पता चलता है। यह सैंपलिंग प्रक्रिया और आरटी-पीसीआर टेस्ट की सीमाओं के कारण हो सकता है, जिसकी सटीकता लगभग 70 फीसदी है।

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
English summary
doctors advising patients to take CT scan for confirmation corona
For Daily Alerts
तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
Enable
x
Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
X