जानें अपना कौन सा सपना पूरा नहीं पाए डॉ कलाम
नयी दिल्ली। पूर्व राष्ट्रपति और मिशाइल मैन के नाम से विख्यात एपीजे अब्दुल कलाम का कल शिलांग में देहांत हो गया। कलाम ने अपने जीवन ने कई उतार-चढ़ाव देखें, लेकिन कभी कठिनाईयों ने भागना नहीं सीखा। अपने हिम्मत और मेहनत के बल पर उन्होंने कामयाबी हासिल की, लेकिन वो अपना सबसे प्रिय सपना पूरा नहीं कर पाएं।

दरअसल कलाम पायलट बनना चाहते थे, लेकिन वह अपने सपने के बहुत करीब पहुंचकर चूक गए थे। भारतीय वायुसेना में तब केवल आठ जगहें खाली थीं और कलाम को चयन में नौंवा स्थान मिला था। वो इंटरव्यू में फेल हो गए, लेकिन कहना गलत नहीं होगा कि अच्छा हुआ कि कलाम फेल हो गए।
कमाल के कलाम.. पढ़ते थे गीता मानते थे कुरान
अगर वो फेल नहीं होते तो भारत को कलाम जैसा चमकता सितारा शायद नहीं मिल पाता। कलाम ने अपनी एक किताब 'माई जर्नी : ट्रांसफोर्मिंग ड्रीम्स इन टू एक्शंस' में लिखा है कि वो पायलट बनने के लिए बहुत बेताब थे। कलाम ने मद्रास प्रौद्योगिकी संस्थान से एयरोनॉटिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की थी।
जानिए सबके लिए प्रेरणाश्रोत कलाम को किससे मिली थी प्रेरणा?
कलाम ने अपने सपने के बारे में लिखा था कि मैं हवा में ऊंची से ऊंची उड़ान के दौरान मशीन को नियंत्रित करना चाहता था, यही मेरा सबसे प्रिय सपना था। लेकिन वो आखिरी तक अपना सपना पूरा नहीं कर पाएं।












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