चेन्नई में CAA प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज को डीएम चीफ स्टालिन ने बताया सरकार का प्लान अटैक
चेन्नई। देश भर में नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ विरोध प्रदर्शन और तेज हो गया है। चेन्नई के वाशरमनपेट में सीएए-एनआरसी के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन हुआ है। प्रदर्शनकारियों को काबू में करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया जिसके बाद भगदड़ मच गई। 100 से ज्यादा प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया है। पुलिस के इस कार्रवाई की डीएमके प्रमुख एमके स्टालिन ने निंदा की है। डीएमके प्रमुख एमके स्टालिन ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ की गई कार्रवाई की निंदा की है। डीएमके ने 14 फरवरी की रात को ब्कैक नाइट करार दिया है।

स्टालिन ने एक बयान जारी कर कहा है कि सरकार ने रणनीति के तहत शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे प्रदर्शनकारियों पर हमला किया है। डीएमके ने मांग की है कि सभी प्रदर्शनकारियों पर दर्ज केस वापस लिए जाएं। आपको बता दें कि चेन्नई में नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे लोगों पर पुलिस द्वारा लाठीचार्ज के खिलाफ जामिया के छात्र आज दिल्ली में तमिलनाडु हाउस का घेराव करेंगे। जामिया समन्वय समिति ने घेराव का ऐलान किया है।
Recommended Video
गौरतलब है कि शुक्रवार रात को प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच यहां पर झड़प हो गई। पुलिस की कार्रवाई से प्रदर्शनकारी और गुस्सा हो गए। इसके बाद बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी अन्ना सलाई में माउंट रोड दरगाह के पास प्रदर्शन करने लगे। बताया जा रहा है कि माउंट रोड दरगाह के पास पुलिस ने बैरिकेडिंग करने की कोशिश की तो पुलिस और प्रदर्शनकारी आमने सामने हो गए। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोका। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हो गई।
इसके बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज कर दिया। लाठीचार्ज के बाद मौके पर भगदड़ मच गई। लाठीचार्ज का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें पुलिस प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज करती हुई दिखी दे रही है। चेन्नई पुलिस का कहना है कि प्रदर्शनकारियों से भिड़ंत में चार पुलिसकर्मी जख्मी हो गए। इनमें एक महिला डिप्टी कमिश्नर, दो महिला अधिकारी और एक सब-इंस्पेक्टर शामिल हैं। कहा जा रहा है कि प्रदर्शनकारियों के पथराव में पुलिसकर्मी घायल हुए हैं।
प्रदर्शन के दौरान बुजुर्ग शख्स की मौत की अफवाह
चेन्नई पुलिस ने साफ किया है कि विरोध प्रदर्शनों के दौरान हुई झड़प में किसी भी शख्स की मौत नहीं हुई है। दरअसल दावा किया जा रहा था कि एक बुजुर्ग शख्स की प्रदर्शन के दौरान शुक्रवार रात को मौत हो गई थी। इस खबर का पुलिस ने खंडन किया है। पुलिस ने कहा है कि प्रदर्शन और बुजुर्ग शख्स की मौत के बीच कोई संबंध नहीं है।
तमिलनाडु के कई शहरों में हो रहा विरोध प्रदर्शन
दिल्ली के शाहीनबाग की तरह ही तमिलनाडु के कई शहरों में नागरिकता कानून के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। हर जगह विरोध प्रदर्शन में बैठी महिलाओं की मांग है कि हर हाल में इस कानून को वापस लिया जाए। वहीं केंद्र सरकार कई बार साफ कर चुकी है कि इस कानून को वापस नहीं लिया जाएगा, क्योंकि यह कानून नागिरकता लेने नहीं, नागरिकता देने का कानून है।












Click it and Unblock the Notifications