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पाकिस्तानी पीएम इमरान पर लटकी अयोग्यता की तलवार, अदालत की अवमानना का मामला

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नई दिल्ली- पाकिस्तानी अदालत में वहां के प्रधानमंत्री इमरान खान को अयोग्य ठहराने की मांग को लेकर एक याचिका दायर की गई है। ये मामला पूर्व पाकिस्तानी पीएम नवाज शरीफ के इलाज के लिए लंदन जाने के मामले में उनके न्यायपालिका के खिलाफ की गई एक टिप्पणी को लेकर दायर की गई है। याचिकाकर्ता ने अदालत से दरख्वास्त की है कि इमरान खान पर अदालत की अवमानना का मामला बनता है, इसलिए उन्हें फौरन उनके पद के लिए अयोग्य करार दिया जाना चाहिए। बड़ी बात ये है कि इस मामले में लाहौर हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस भी इमरान के खिलाफ सख्त बयान दे चुके हैं।

इमरान को अयोग्य ठहराने की मांग

इमरान को अयोग्य ठहराने की मांग

पाकिस्तानी पीएम नवाज शरीफ के खिलाफ लाहौर हाई कोर्ट में शनिवार को ये याचिका ताहिर मकसूद नाम के एक पाकिस्तानी नागरिक ने दायर की है। याचिकाकर्ता ने अपनी अर्जी में कहा है कि इमरान ने अपने बयान से न्यायपालिका को बदनाम किया है, इसलिए उनके खिलाफ अवमानना का मामला शुरू की जानी चाहिए। ताहिर के मुताबिक पीएम इमरान ने वरिष्ठ जजों का अपमान किया है, जो अदालत की अवमानना के दायरे में आता है। उसने ये भी कहा है कि न्यायपालिका विरोधी टिप्पणी के लिए पाकिस्तानी सुप्रीम कोर्ट 2013 में भी इमरान के खिलाफ अवमानना का नोटिस जारी कर चुका है। उसने न्यायपालिका विरोधी भाषण के लिए पीएमएल-नवाज के नेता तलाल चौधरी और नेहाल हाश्मी को सुप्रीम कोर्ट से दोषी ठहराए जाने का हवाला देते हुए इमरान को निजी तौर पर अदालत में बुलाकर पीएम पद के लिए अयोग्य ठहराने और इसके लिए पाकिस्तानी चुनाव आयोग को निर्देश देने की मांग की है।

नवाज शरीफ के मामले में की थी टिप्पणी

नवाज शरीफ के मामले में की थी टिप्पणी

दरअसल, पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने हाल ही में नवाज शरीफ के विदेश जाने के मामले में उनकी सरकार की शर्त लाहौर हाई कोर्ट से ठुकराए जाने के बाद अदालत के खिलाफ टिप्पणी की थी। उन्होंने चीफ जस्टिस आसिफ सईद खोसा और उनके उत्तराधिकारी के बारे में कहा था कि 'न्यायपालिका में जनता का भरोसा बहाल करने की जरूरत है।' इमरान इस बात से नाराज थे कि अदालत ने 69 वर्षीय नेता नवाज शरीफ को विदेश जाने देने से पहले 700 करोड़ रुपये का बॉन्ड भरने की उनकी सरकार की शर्त से उन्हें छूट दे दी।

लाहौर हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस ने भी जताई है आपत्ति

लाहौर हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस ने भी जताई है आपत्ति

इमरान की ये टिप्पणी चीफ जस्टिस खोसा को भी नागवार गुजरी थी और उन्होंने कहा था कि प्रधानमंत्री को इस तरह के बयान देने से बचना चाहिए, क्योंकि वह सरकार के मुख्य कार्यकारी हैं। चीफ जस्टिस ये कहते हुए कि कानून के सामने सभी लोग बराबर हैं कहा, 'हमें शक्तिशाली होने का ताना मत दीजिए।' उन्होंने कहा, 'मैं नवाज शरीफ के खास केस पर टिप्पणी नहीं करना चाहता, जिसका कि प्रधानमंत्री ने जिक्र किया है, लेकिन उन्हें (इमरान) यह पता होना चाहिए कि उन्होंने खुद ही नवाज को विदेश जाने की इजाजत दी है। प्रधानमंत्री को ऐसे बयानों से बचना चाहिए......हमारी तुलना उस न्यायपालिका से मत कीजिए जो 2009 से पहले अस्तित्व में थी।'

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English summary
Disqualification petition filed against Pakistan PM Imran Khan, Issue related contempt of court
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