Dassault Rafale: पाक ने राफेल गिराया या फैलाया झूठ? भारत-फ्रांस के खुलासे के बाद डसॉल्ट शेयर का क्या हाल है?
Dassault Aviation Share: डसॉल्ट एविएशन के शेयर लगातार दूसरे दिन भी Google Trends में शामिल हैं। भारत-पाकिस्तान के बीच मई 2025 में सैन्य टकराव ऑपरेशन सिंदूर को लेकर चल रही अफवाहों पर अब विराम लग गया है। डसॉल्ट एविएशन के चेयरमैन और CEO एरिक ट्रापियर ने पुष्टि की है कि भारत का कोई राफेल विमान पाकिस्तानी कार्रवाई में नहीं गिरा। उन्होंने कहा कि एक राफेल विमान में तकनीकी खराबी जरूर आई थी, लेकिन वह दुश्मन की रडार या फायरिंग रेंज में नहीं था।
फ्रेंच वेबसाइट Avion De Chasse के हवाले से ट्रापियर ने कहा कि राफेल में तकनीकी खराबी वाली घटना 12,000 मीटर से अधिक ऊंचाई पर प्रशिक्षण मिशन के दौरान हुई थी, और इसका दुश्मन से कोई लेना-देना नहीं था।

Did Pakistan Down Rafale? : भारतीय रक्षा सचिव का भी साफ इनकार
भारत के रक्षा सचिव आरके सिंह ने भी Network18 से बातचीत में भी इस बात को पूरी तरह खारिज किया कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत के राफेल विमान गिराए गए थे। राफेल्स मार गिराने की बात पूरी तरह गलत है। पाकिस्तान को कहीं ज्यादा नुकसान हुआ है। मानव और हथियार दोनों स्तरों पर। 100 से ज्यादा आतंकवादी मारे गए।
उन्होंने यह भी दोहराया कि ऑपरेशन सिंदूर अभियान के दौरान भारतीय सेना को पूर्ण संचालन स्वतंत्रता मिली हुई थी और राजनीतिक स्तर पर कोई प्रतिबंध नहीं था।
CDS और डिफेंस अटैशे के बयान में अंतर लेकिन राफेल पर एकमत
भारत के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान ने भी सिंगापुर में एक अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारतीय वायुसेना को कुछ नुकसान होने की बात मानी थी, लेकिन साथ ही पाकिस्तान के 6 विमान गिराने और राफेल के नुकसान के दावे को 'पूरी तरह गलत' बताया।

वहीं, इंडोनेशिया में भारतीय डिफेंस अटैशे कैप्टन शिव कुमार ने एक सम्मेलन में कहा कि "कुछ भारतीय विमान ज़रूर गिरे, लेकिन वह इसलिए कि उन्हें पाकिस्तानी मिलिट्री इन्फ्रास्ट्रक्चर पर हमला करने की इजाजत नहीं दी गई थी। राफेल नहीं गिरा।"
Dassault Aviation के शेयरों में सुधार, अफवाहें थमीं
भारत और डसॉल्ट की ओर से स्पष्टता आने के बाद Dassault Aviation Share में तेजी देखी गई। कंपनी के शेयर 8 जुलाई को €297.40 पर खुले, जो पिछले दिन के बंद भाव से अधिक था। पिछले एक महीने में कंपनी का स्टॉक लगभग 4% गिरा था, लेकिन अब इसमें स्थिरता देखी जा रही है।
बाजार विश्लेषक के अनुसार "अगर डसॉल्ट के शेयर €306 के ऊपर बंद होते हैं, तो यह एक ब्रेकआउट होगा और अगले लक्ष्य €330 के हो सकते हैं।"
चीन पर शक: राफेल की छवि बिगाड़ने की साजिश?
एपी (Associated Press) की एक रिपोर्ट के मुताबिक, चीन के रक्षा अटैशे अलग-अलग देशों, खासकर इंडोनेशिया, में प्रचार कर रहे हैं कि राफेल कमज़ोर विमान है और वहां चीन निर्मित लड़ाकू विमान खरीदने का दबाव बना रहे हैं। फ्रांस और भारत दोनों का मानना है कि यह एक रणनीतिक साजिश है ताकि राफेल की वैश्विक छवि को नुकसान पहुंचाया जा सके।
राफेल पूरी तरह सुरक्षित, पाकिस्तान का प्रोपेगेंडा फेल
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भले ही कुछ चुनौतियाँ सामने आई हों, लेकिन राफेल को लेकर पाकिस्तान का हर दावा झूठा साबित हुआ है। फ्रांस और भारत, दोनों ने साफ कर दिया है कि कोई भी राफेल विमान पाकिस्तानी गोलीबारी में नहीं गिरा। राफेल की ताकत और तकनीकी श्रेष्ठता एक बार फिर से साबित हुई है, और Dassault Aviation को निवेशकों का भरोसा फिर से मिल रहा है।












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