टेक ऑफ से पहले अब एक्सपर्ट स्टाफ चेक करेगा विमान, सभी एयरपोर्ट्स पर हुई तैनाती
नई दिल्ली, 28 जुलाई: बीते 50 दिन एयरलाइन्स कंपनियों के लिए मुश्किलों भरे रहे, जहां ज्यादातर कंपनियों के विमानों में कुछ ना कुछ खराबी रिपोर्ट की गई। इस गड़बड़ी के मामले में स्पाइसजेट टॉप पर रहा। हालांकि विमानन नियामक डीजीसीए इन मामलों को गंभीरता से ले रहा है। साथ ही इनसे निपटने के लिए जरूरी कदम भी उठाए जा रहे हैं।

अपने हालिया बयान में डीजीसीए ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में इंजन और विमान में खराबी की कई घटनाएं देखी गई हैं। जिसके बाद उनकी टीम ने कई जगहों पर औचक निरीक्षण और ऑडिट किया। इसमें पाई गई गड़बड़ियों की पहचान कर उनके बारे में विमान कंपनियों को सूचित किया गया। इसके अलावा उन कमियों को दूर करने के लिए एयरलाइंस के साथ कई बैठकें भी आयोजित की गईं। जिसमें ये निर्देश दिया गया कि विमान कंपनियां सभी स्टेशनों पर आवश्यक टाइप रेटेड प्रमाणिक स्टाफ उपलब्ध करवाएं, ताकि उड़ान से पहले ये सुनिश्चित हो जाए कि उसमें कोई खराबी नहीं है। अब विमान कंपनियों ने बताया है कि उन्होंने इस आदेश का पालन कर लिया है। सभी एयरपोर्ट पर एक्सपर्ट स्टाफ की तैनाती है।
स्पाइस जेट पर ये एक्शन
वहीं इससे पहले बुधवार को डीजीसीए ने स्पाइस जेट को आठ हफ्तों तक अपनी उड़ानों में से अधिकतम 50 फीसदी के संचालन करने का आदेश दिया यानी अब स्पाइसजेट अगले 8 हफ्ते तक 50 फीसदी उड़ानों का ही संचालन करेगी। इस आदेश का असर कंपनी के शेयर्स पर भी पड़ रहा है।
DGCA चीफ ने कही ये बात
वहीं गुरुवार को डीजीसीए चीफ अरुण कुमार ने कहा कि विमान एक मशीन है और मशीन में छोटी-मोटी गड़बड़ियां हो जाती हैं, ऐसे में इसको लेकर हंगामा खड़ा करना सही नहीं है। उनकी ओर से इन मामलों को गंभीरता से लिया जा रहा है। साथ ही विमान कंपनियों को भी इससे जुड़े जरूरी निर्देश दिए गए हैं।












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