नोटबंदी पर राहुल गांधी की शायरी का अमित शाह ने दिया जवाब- बंद करो देश को छलना
नई दिल्ली। नोटबंदी के फैसले की आज सालगिरह है। इस मौके पर भाजपा और कांग्रेस एक बार फिर आमने सामने आ खड़ी हुईं हैं। जहां भाजपा नोटबंदी को सफल बताते हुए आज के दिन 'कालाधन विरोधी दिवस' के रुप में मना रहा है तो वहीं कांग्रेस इसे विफल बताते हुए 'काला दिवस' के रुप में मना रही है। इस मौके पर ट्विटर पर कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के बीच भी तकरा देखने को मिली।

राहुल गांधी की शायरी
कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को नोटबंदी की सालगिरह के मौके पर एक तस्वीर जारी की। यह तस्वीर नोटबंदी के समय की है। इस तस्वीर में एक बुजुर्ग शख्स एटीएम की लाइन में खड़ा रो रहा है। राहुल गांधी ने इस तस्वीर को एक शायरी के साथ शेयर किया। उन्होंने शायरी में लिखा, 'एक आंसू भी हुकूमत के लिए ख़तरा है, तुमने देखा नहीं आंखों का समुंदर होना।' राहुल गांधी की यह शायरी सोशल मीडिया पर तुरंत वायरल हो गई जिसके बाद भाजपा अध्यक्ष अमित शाह राहुल गांधी पर पलटवार करने उतरे।

अमित शाह का जवाब
अमित शाह ने राहुल गांधी की शायरी का जवाब शायरी में ही देकर उनपर तंज कसा। अमित शाह ने अपनी शायरी में कहा, 'ताउम्र ग़रीबों की झूठी तस्वीरों से गुमराह कर सत्ता हथियाते रहे, झूठे आंसू, झूठी तस्वीरों के पीछे से देश को छलना अब और मुमकिन नहीं, असली चेहरा कांग्रेस का बेनकाब हुआ, अब नये भारत का आगाज हुआ।' अमित शाह ने अपने इस ट्वीट में बकायदा राहुल गांधी को टैग भी किया।

अमित शाह ने क्यों कहा ऐसा?
दरअसल राहुल गांधी ने जिस बुजुर्ग शख्स की तस्वीर शेयर की थी उनकी पहचान गुरुग्राम के रहने वाले नंदलाल के रुप में हुई है। राहुल गांधी के ट्वीट के बाद मीडिया ने नंदलाल से इस बारे में बात की तो उन्होंने राहुल गांधी के दावे के उलट पीएम मोदी की तारीफ की। साथ ही नोटबंदी को एक अच्छा फैसला बताया। उन्होंने कहा कि वो लाइन में लगने से नहीं बल्कि पैर में चोट लगने से रो रहे थे। नंदलान के इस बयान के बाद से ही अमित शाह समेत पूरी भाजपा पार्टी राहुल गांधी पर हमलावर हो गई है।












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