• search
क्विक अलर्ट के लिए
अभी सब्सक्राइव करें  
क्विक अलर्ट के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  
For Daily Alerts

500-1000 रुपये के पुराने नोट जमा कराने के लिए डाक विभाग लेकर आया एक और बड़ा विकल्प

By Brajesh Mishra
|

नई दिल्ली। नोटबंदी की वजह से किसी की मेहनत की कमाई बर्बाद न जाए इसके लिए सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाया है। ग्रामीण इलाकों में 500 और 1000 रुपये के नोट बदलने के लिए अब डाक विभाग के कर्मचारी अभियान चलाएंगे। इस मुहिम के दौरान ढोल बजाकर लोगों को सूचना भी दी जाएगी।

500 rs

बताया जा रहा है कि डाक विभाग की ओर से नोटबंदी के बाद 'इंडिया पोस्ट, आपका दोस्त' चलाने का फैसला लिया गया है। यह अभियान 16 दिसंबर तक चलेगा। अभियान के दौरान डाक विभाग के कर्मचारी लोगों के बचत खाते खोलेंगे और उनमें पैसा जमा करेंगे। बड़े शहरों में भी डाकघरों में लोग पैसे नहीं जमा कर रहे। इसलिए विभाग ने अब गांवों में कैंप लगाने का फैसला लिया है।

जयललिता की जगह लेने वाले पन्नीरसेल्वम के सामने है बड़ी चुनौती

काफी लोगों के पास नहीं हैं अकाउंट

डाक विभाग के मुताबिक, गांवों में बड़ी संख्या में लोगों के पास बैंक या डाकघर में अकाउंट नहीं हैं। अपने सारा पैसा कैश में ही रखते हैं। लोग बीमारी और अन्य जरूरतों के लिए पैसा अपने पास रखना ही बेहतर समझते हैं। लेकिन पुराने नोट बदलने नहीं गए तो उनका कोई महत्व नहीं रह जाएगा। इसलिए विभाग ने अभियान शुरू किया है।

एक पति और दो प्रेमी, पढ़िए इस महिला के अवैध संबंधों की खूनी कहानी

अकाउंट के साथ मिलेगा बीमा

डाक विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि लोगों को नुक्कड़ नाटक और अन्य तरीकों से भी सुझाव दिया जाएगा कि बचत खाता खोलने से क्या लाभ मिलेंगे और पुराने नोट भी जमा करा सकेंगे। इन खातों में अकाउंट होल्डर को 2 लाख रुपये का बीमा भी मिलेगा। इनमें एटीएम की सुविधा भी मिलेगी।

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
English summary
Demonetisation row india post will go to villages to open saving accounts.
For Daily Alerts
तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
Enable
x
Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
X
We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more
X