नोटबंदी के बुरे असर से अब बीजेपी के अंदर भी चिंताएं
एक भाजपा सांसद ने कहा कि हम कैसे लोगों को डिजिटल होने के लिए कह दें? नकदी की कमी होने के कारण अब नौकरियां जा रही हैं।
नई दिल्ली। 8 नवबंर को 500 और 1,000 रुपए की करेंसी को विमुद्रीकृत किए जाने की घोषणा की गई तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसके पीछे का उद्देश्य कालेधन के खिलाफ जंग को बताया था।
इसके बाद इस मुद्दे पर बदलते बयान, कैशलेस इकॉनमी से लेकर लेस कैश और अब डिजिटल ट्रांजेक्शन की बात भारतीय जनता पार्टी के सांसदों के लिए चिंता का सबब बन रही है। नकदी की कमी के कारण लोगों की नाराजगी और गुस्से से वो घबरा गए हैं।

नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर बताया
अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक भारतीय जनता पार्टी के 5 सांसदों ने नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर यह स्वीकार किया हैकि 500 और 1,000 रुपए के करेंसी नोट को वापस लेने पर शुरूआती उत्साह अब गुस्से में तब्दील हो रहा है।
एटीएम पर लंबी लाइन, करेंसी की शॉर्टेज और बैकों में पैदा हो रही दिक्कतों के कारण स्थानीय अर्थव्यवस्था में काफी समस्या आ रही है।
सांसदों ने स्वीकार किया कि उन्हें जमीनी रिपोर्ट्स की चिंता है, जिसमें मजदूरो,बुनकरों, सब्जी बेचने वालों, छोटे दुकानदारों और छोटे उद्योग धंधों के लोगों को नुकसान हो रहा है।
नकदी की समस्या के कारण इन क्षेत्रों को नुकसान हो रहा है और अन्य क्षेत्रों में लोगों की नौकरियां भी जा रही हैं।
नेताओं ने व्यक्त की आशंका
भाजपा के सूत्रों का कहना है कि विभिन्न राज्यों के नेता, खास तौर से उत्तर प्रदेश के नेताओं ने आंतरिक बैठकों में विमुद्रीकरण की प्रक्रिया पर अपनी आशंका व्यक्त की है, जिसके जवाब में कहा जा रहा है कि नेतृत्व ने चुनावी रणनीति तय करने के लिए कुछ समय इंतजार करने को कहा है।
अखबार के अनुसार एक सांसद ने कहा कि मौजूदा बयान कि नोटबंदी, डिजिटल इकॉनमी को बढ़ावा देगा, ये चुनाव में नहीं बिकेगा। अभी भी कई ऐसे मुद्दे हैं जो सुलझे नहीं हैं। जैसे बिजली और मोबाइल कनेक्टिविटी। हम कैसे छोटे दुकानदारों से डिजिल होने के लिए कह सकते हैं?
भाजपा नहीं पीएम में है विश्वास
हालांकि पार्टी अभी भी इस मुद्दे पर आशावान है और पीएम मोदी की साख और जनता में उनके प्रति विश्वास पर निर्भर है। उत्तर प्रदेश से भाजपा एक नेता ने कहा कि जनता में अभी भी मोदी का विश्वास हना हुआ है। वो भाजपा नहीं, वो नरेंद्र मोदी में यकीन रखते हैं, मतलब देश के लिए अच्छा होगा।
बिहार से एक भाजपा सांसद ने कहा कि पार्टी का एक वर्ग यह महसूस कर रहा है कि इस प्रक्रिया का उम्मीद के मुताबिक परिणाम नहीं मिला।
उन्होंने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को अपनी आशंकाओं से अवगत करा दिया है। नोटबंदी के प्रभाव पर सवाल पूछे जाने पर एक सांसद ने कहा ये सिर्फ मोदी जी जानते हैं।
कुछ सांसद इस रिपोर्ट से भी चिंतित हैं कि वापस ली गई करेंसी नोट फिर से चलायी जाएगी।
हालांकि, पार्टी नेतृत्व ने राज्य के नेताओं और सांसदों से वेट एंड वॉच की नीति अपनाने की अपील की है। उनसे डिजिटल बैंकिंग और कैशलेस इकॉनमी के आइडिया पर काम करने को कहा है।
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