नोटबंदी इफेक्ट: 1 साल से डिजिटल पेमेंट में किराया लेता है ये रिक्शा चालक
कोलकाता। नोटबंदी को एक साल पूरे हो गए है। 8 नवंबर 2016 में मोदी सरकार ने नोटबंदी का फैसला लेकर 500 और 1000 के नोट को बंद कर दिया। नोटबंदी के फैसले के साथ ही डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा मिला। लोग कैशलेस पेमेंट की ओर बढ़े। इसका एक अच्छा उदाहरण पश्चिम बंगाल में देखने को मिला, जहां एक रिक्शा चालक पिछले एक सालों से डिजिटल पेमेंट ले रहा है।

जी हां ये रिक्शा चालक मोबाइल वॉलेट, क्रेडिट कार्ड और डेबिड कार्ड से अपने किराए का पेमेंट लेता है। सिलीगुड़ी में एक ऐसा रिक्शावाला है, जो पिछले एक साल से ऑनलाइन पेमेंट ले रहा है। सुशील बर्मन अपने ग्राहकों से ऑनलाइन पेमेंट लेता है। इसके लिए कई माध्यम अपनाता है। आप पेटीएम से, क्रेडिट कार्ड से या फिर अपने डेबिड कार्ड से उसके किराए का भुगतान कर सकते हैं। सुशील ने नोटबंदी के बाद से ऑनलाइन पेमेंट शुरू किया था।
सुशील उसे अब भी मान रहा है। वो अपने ग्राहकों को ऑनलाइन पेमेंट करने पर छूट भी देता है। इतना ही नहीं वो दूसरों को भी डिजिटल ट्रांजैक्शन के लिए प्रेरित करता है। सिलिगुड़ी में सुशील के चर्चा खूब हो रहे हैं। सुशील न केवल ऑन लाइन पेमेंट लेता है बल्कि खुद भी डिजिटल ट्रांजैक्शन करता है।












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