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दिल्ली में सर्दी की दस्तक, 11 सालों में सबसे ठंडी रही मंगलवार की रात, पारे में जबरदस्त गिरावट

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नई दिल्ली। कोरोना और प्रदूषण की मार सह रहे दिल्ली में अब सर्दी ने दस्तक दे दी है, बीती रात पिछले 11 सालों में सबसे ठंडी रात दर्ज की गई है, मंगलवार को राजधानी दिल्ली का न्यूनतम तापमान 13.7 डिग्री सेल्सियस रहा तो वहीं अधिकतम तापमान 33.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह 20 अक्टूबर की तारीख में 2011 से लेकर अभी तक का यह सबसे कम न्यूनतम तापमान है। मालूम हो कि मौसम विभाग ने पहले ही कहा था कि इस बार अक्टूबर के अंतिम दिनों में ही सर्दी का आगमन हो जाएगा।

    Delhi: Delhi में 11 सालों के October के Temperature में अब तक की सबसे ठंडी रात । वनइंडिया हिंदी
    बुधवार सुबह पर भी रहा रात की ठंड का असर

    बुधवार सुबह पर भी रहा रात की ठंड का असर

    रात का असर बुधवार सुबह भी देखने को मिला, मार्निग वॉक पर निकले लोगों की संख्या में आज सुबह कमी दर्ज की गई और जो लोग वॉक पर दिखाई दिए वो भी फूल ट्राउजर और ट्रैक सूट में नजर आए, आज की सुबह भी पिछले दस सालों में अक्टूबर की सबसे ठंडी सुबह में दर्ज हुई है। मालूम हो कि इस बार राजधानी समेत पूरे भारत में ज्यादा सर्दी पड़ने के आसार है।

    यह पढ़ें: बेंगलुरु समेत देश के कई शहरों में अगले 3-4 घंटे में हो सकती है भारी बारिश, IMD ने दी चेतावनी

    इस बार पड़ेगी ज्यादा सर्दी: IMD

    इस बार पड़ेगी ज्यादा सर्दी: IMD

    गौरतलब है कि भारत के मौसम विभाग (IMD) के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने हाल ही में कहा था कि मौजूदा मौसम की वजह से इस मौसम में सर्दी अधिक हो सकती है। 'कोल्ड वेव रिस्क रिडक्शन' पर एक वेबिनार को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा था कि हम इस साल और अधिक ठंड की उम्मीद कर सकते हैं क्योंकि La-Nina की स्थिति शीत लहर की स्थिति के लिए अनुकूल है, मालूम हो कि ला-नीना (La-Nina) भी मानसून का रुख तय करने वाली सामुद्रिक घटना है।

    कोरोना का खतरा

    कोरोना का खतरा

    पारा गिरने से वायु प्रदूषण भी बढ़ने लगा है और साथ ही धूल और पराली का धुआं भी हवा को प्रदूषित करने में पीछे नहीं है, ऐसे में मौसम विशेषज्ञों की चिंता बढ़ गई क्योंकि अगर दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण बढ़ा तो ये कोरोना वायरस से जंग लड़ रही राजधानी के अच्छी खबर नहीं होगी, इसलिए प्रदूषण पर अभी से ही रोकथाम की जरूरत है। मालूम हो कि अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया ने कहा है कि प्रदूषण बढ़ने पर कोरोना का वायरस हवा में अधिक देर तक रह सकता है। इससे संक्रमण बढ़ने का खतरा ज्यादा है ऐसे में राजधानी और उसके पास के शहरों में प्रदूषण को रोकना बहुत जरूरी है।

    कोरोना के लिए खतरनाक मौसम है सर्दी

    कोरोना के लिए खतरनाक मौसम है सर्दी

    तो वहीं यूएस फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन के पूर्व प्रमुख डॉ. स्कॉट गोटलिब ने भी चेतावनी देते हुए कहा था कि कोरोना वायरस सर्दी में बहुत मजबूत हो जाएगा इसलिए अगर सही ढंग से ध्यान नहीं दिया गया तो स्थिति बेहद गंभीर हो सकती है।

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    English summary
    With the mercury dropping to 13.7 degrees Celsius, the national capital on Tuesday experienced its coldest October night in 11 years.
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