• search
क्विक अलर्ट के लिए
अभी सब्सक्राइव करें  
क्विक अलर्ट के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  
For Daily Alerts

लोगों का धर्म पूछकर करते थे हत्या, फिर नाले में फेंक देते थे शव: दिल्ली हिंसा के चश्मदीद का खुलासा

|

नई दिल्ली। उत्तर-पूर्वी दिल्ली में फरवरी में हुई हिंसा को जब भी याद किया जाता है तो लोग आज भी दहशत में आ जाते हैं। इस घटना में 53 लोग मारे गए और 200 से अधिक लोग घायल हुए थे, जबकि करोड़ों रुपए की संपत्ति को भी नुकसान पहुंचा था। इस मामले में पुलिस जांच कर रही है और चार्जशीट में एक के बाद एक नए खुलासे हो रहे हैं। हिंसक घटनाओं के बीच पीसीआर कॉल ने दिल्ली पुलिस को प्रमुख चश्मदीद तक पहुंचने में खासी मदद की। उसी गवाह ने पुलिस की चार्जशीट में कई बड़े खुलासे किए हैं।

चार्जशीट में कई बड़े खुलासे

चार्जशीट में कई बड़े खुलासे

दरअसल, दिल्ली पुलिस ने 26 फरवरी को रात 10.05 बजे की पीसीआर कॉल की जानकारी के आधार पर एक चार्जशीट दाखिल की है जिसमें अमीन, भूरे और हमजा की हत्याओं का जिक्र किया गया है। पुलिस के मुताबिक प्रत्यक्षदर्शी ने हथियार ले जाने वाली भीड़ को पहचानने, मुस्लिम पुरुषों की हत्या करने और शवों को नाले में फेंकने संबंधी कई जानकारियां साझा की हैं। पुलिस ने घटना को अपनी आंखों से देखने वाले शख्स की पहचान गंगा विहार के निवासी के रूप में की है, शख्स का बयान आरोपियों को कड़ी सजा दिलाने में मदद कर सकता है।

शख्स ने पुलिस को फोन कर दी थी जानकारी

शख्स ने पुलिस को फोन कर दी थी जानकारी

पुलिस चार्जशीट के मुताबिक घटना वाले दिन पीसीआर को कॉल करने वाले शख्स ने कहा, हिंदुओं ने एक मुस्लिम की बाइक में आग लगा दी, वह उसे भी आग लगाने वाले थे लेकिन वह जान बचाने के लिए नाले में कूद गया। चार्जशीट के अनुसार उसी शख्स ने करीब 20 मिनट बाद फिर पीसीआर को फोन पर बताया कि मुस्लिमों की हत्याएं की जा रही हैं और उनकी गाड़ियों को आग के हवाले किया जा रहा है।

लोगों को मारकर शवों को नाले में फेंक रही थी भीड़

लोगों को मारकर शवों को नाले में फेंक रही थी भीड़

चार्जशीट में शख्स के हवाले से बताया गया कि 25 फरवरी शाम 4 बजे गोकलपुरी पुलिस स्टेशन से घर लौटते समय उन्होंने जौहरीपुर पुलिया पर एक बड़ी भीड़ को पत्थर, गदा, लाठी, तलवार और लोहे की छड़ आदि ले जाते देखा, वह 'जय श्री राम' और 'हर हर महादेव' के नारे लगा रहे थे। भीड़ व्यक्तियों की पहचान की जांच कर रही थी और यदि कोई मुस्लिम पाया जाता तो वह उसे मारकर शव को नाले में फेंक देते थे। चार्जशीट में कहा गया है कि ज्यादातर भीड़ में हेलमेट पहने हुए थे और कई ने मुंह पर कपड़ा बांधा हुआ था।

दिल्ली दंगों से जुड़ा जाकिर नाइक का नाम

दिल्ली दंगों से जुड़ा जाकिर नाइक का नाम

चार्जशीट दाखिल करने के बाद अब पुलिस दंगे में हुई फंडिंग की जांच कर रही है। जिसको लेकर पुलिस के हाथ कुछ अहम सुराग लगे हैं। इस मामले में स्लामिक स्कॉलर जाकिर नाइक का भी नाम सामने आया है। जांच में पता चला कि हिंसा से पहले जाकिर ने दिल्ली दंगे के मास्टरमाइंड खालिद सैफी से मुलाकात की थी। रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने हिंसा के बाद मास्टरमाइंड खालिद सैफी को गिरफ्तार किया था। इसके बाद जब उसके पासपोर्ट की जांच की गई, तो पता चला कि उसने कई देशों की यात्रा की थी। इस दौरान उसने इस्लामिक स्कॉलर जाकिर नाइक से भी मुलाकात की। सैफी दूसरे आरोपी उमर खालिद और ताहिर हुसैन का करीबी दोस्त है। हिंसा से पहले शाहिन बाग में इन लोगों ने एक मीटिंग भी की थी।

    Corona: दुनिया के सबसे बड़े Covid Care Centre का LG Anil Baijal ने किया उद्घाटन | वनइंडिया हिंदी

    कोरोना के लक्षण थे, लेकिन 2 टेस्ट रिपोर्ट निगेटिव आईं, 26 साल के डॉक्टर ने दिल्ली में दम तोड़ा

    देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
    English summary
    Delhi Violence Eyewitness Revealed- People used to kill by asking religion then throw bodies in the drain
    For Daily Alerts
    तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
    Enable
    x
    Notification Settings X
    Time Settings
    Done
    Clear Notification X
    Do you want to clear all the notifications from your inbox?
    Settings X
    X
    We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more