Delhi Pollution: क्यों बंद है क्नॉट प्लेस का स्मॉग टावर? केजरीवाल सरकार ने बताई वजह
Smog Tower Delhi: देश की राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण से हालात गंभीर हैं और मौसम विभाग की मानें तो फिलहाल दिवाली तक इस जहरीली हवा से राहत मिलने वाली नहीं है। वायु प्रदूषण को देखते हुए दिल्ली सरकार ने राजधानी में कई तरह के प्रतिबंध भी लागू कर दिए हैं।
इस बीच सवाल उठ रहे हैं कि वायु प्रदूषण रोकने के लिए दिल्ली में जो दो स्मॉग टावर लगाए गए थे, वो काम क्यों नहीं कर रहे? शुक्रवार को भाजपा नेताओं ने भी क्नॉट प्लेस पहुंचकर स्मॉग टावर को लेकर दिल्ली सरकार को निशाने पर लिया। अब, स्मॉग टावर को लेकर दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने जवाब दिया है।

गोपाल राय ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कहा, 'दिल्ली सरकार ने प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए कंस्ट्रक्शन पर रोक लगाई, बीएस-3 और बीएस-4 वाहनों पर रोक लगाई, साथ ही पानी का छिड़काव तेज किया गया। कल दिन भर हम लोग इसी काम में लगे रहे, लेकिन उसी दौरान बहुत सारे भाजपा नेता क्नॉट प्लेस जाकर वीडियो बना रहे थे कि देखो स्मॉग टावर बंद है। मुझे लगता है कि दिल्ली और देश के लोगों को ये जानना चाहिए कि आखिर किस षडयंत्र के तहत ये स्मॉग टावर बंद किए गए?'
अगस्त 2021 में ही शुरू हो गया था स्मॉग टावर: गोपाल राय
गोपाल राय ने आगे कहा, 'सुप्रीम कोर्ट ने 13 जनवरी 2020 को आदेश दिया था कि दिल्ली के अंदर पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर दो स्मॉग टावर लगाए जाएं। एक केंद्र सरकार को लगाना था आनंद विहार में और दूसरा दिल्ली सरकार को क्नॉट प्लेस में। इस आदेश के अनुरूप क्नॉट प्लेस में दिल्ली सरकार ने स्मॉग टावर लगाया और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अगस्त 2021 इसका उद्घाटन किया और स्मॉग टावर का संचालन शुरू हो गया। संचालन शुरू होने के बाद आईआईटी दिल्ली और आईआईटी बॉम्बे को इसे मॉनीटर करके दो साल के अंदर इसकी स्टडी को पूरा करना था।'
'स्मॉग टावर पर खर्च किए गए थे 23 करोड़ 63 लाख रुपए'
प्रेस कॉन्फ्रेंस में गोपाल राय ने बताया, 'इस स्मॉग टावर के लिए आवंटित बजट 25 करोड़ में से इसपर 23 करोड़ 63 लाख रुपए इसपर खर्च किए गए। स्मॉग टावर का संचालन जारी था और आईआईटी बॉम्बे और आईआईटी दिल्ली ने एक छमाही रिपोर्ट दिल्ली सरकार को सौंपी। रिपोर्ट में बताया गया कि एक किलोमीटर के दायरे में 500 एक्यूआई पर स्मॉग टावर का प्रभाव ज्यादा था और उसके बाद दूरी बढ़ने पर ये प्रभाव कम था। स्टडी जारी थी और रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट को सौंप भी दी गई। इसी बीच केंद्र सरकार ने डीपीसीसी में पर्यावरण सचिव को हटाकर स्पेशल ड्यूटी पर अश्विनी कुमार को चेयरमैन नियुक्त किया और उन्होंने आते ही स्मॉग टावर को बंद करने के लिए दिमाग लगाना शुरू कर दिया।'
'अश्विनी कुमार ने रोक दिया स्टडी का फंड'
गोपाल राय ने आगे कहा, 'सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर स्टडी चल रही थी, लेकिन अश्विनी कुमार ने 'सुपर पावर' का इस्तेमाल करते हुए और सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उल्लंघन करते हुए स्टडी के लिए पेमेंट देना बंद कर दिया। ऑपरेशन और मैनेजमेंट के लिए लगभग दो करोड़ रुपए और देने थे, लेकिन वो रोक दिए गए। जब पेमेंट रोक दिया गया तो जो भी एजेंसियां काम कर रहीं थी, उन्होंने अपना काम रोक दिया और स्मॉग टावर ठप हो गया।'
आपको बता दें कि भाजपा लगातार आम आदमी पार्टी की सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगा रही है कि वायु प्रदूषण के लिए सरकार की लापरवाही जिम्मेदार है। स्मॉग टावर के मुद्दे पर भी शुक्रवार को राजनीति गर्माई, जिसके बाद गोपाल राय ने मीडिया के सामने सरकार का पक्ष रखा।












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