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जानिए, दिल्ली पुलिस ने कैसे की थी उस बस की पहचान, जिसमें निर्भया के साथ हुई थी हैवानियत

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नई दिल्ली। निर्भया को आखिरकार 7 साल, 3 महीने और 4 दिन बाद इंसाफ मिल ही गया। देश की राजधानी दिल्ली में 16 दिसंबर, 2020 को हुए निर्भया गैंगरेप और मर्डर के चारों दोषियों को आज (20 मार्च) तिहाड़ जेल में फांसी पर लटका दिया गया। कोर्ट के आदेश के मुताबिक दोषियों को सुबह 5.30 बजे फांसी पर लटकाया गया। सालों तक लंबी कानूनी लड़ाई लड़ने के बाद जब निर्भया को इंसाफ मिला तो उसकी खुशी पूरे देश में देखी गई। लेकिन इसके साथ ही लोगों के मन में एक बार फिर उस काली रात की यादें ताजा हो गई जब निर्भया के साथ 6 लोगों ने दरिंदगी की सारी हदें पार कर दी थीं।

निर्भया को 7 साल बाद मिला इंसाफ

निर्भया को 7 साल बाद मिला इंसाफ

16 दिसंबर को घटी निर्भया गैंगरेप की घटना ने पूरे देश को झगझोर कर रख दिया था। महिलाओं के खिलाफ इस तरह के जघन्य अपराध के खिलाफ लोग बड़ी संख्या में सड़कों पर उतरे थे। दोषियों को फांसी पर लटकाए जाने के बाद आज देश का विश्वास अपनी न्यायपालिका पर और मजबूत हो गया है। बता दें कि निर्भया के दोषियों को फांसी पर चढ़ाए जाने के बाद लोगों के जेहन में एक बार फिर उस घटना ने घर कर लिया है जब दिल्ली के मुनिरका इलाके में एक चलती बस में निर्भया के साथ हैवानियत की गई थी।

16 दिसंबर को सफेद बस में हुई थी हैवानियत

16 दिसंबर को सफेद बस में हुई थी हैवानियत

आज हम आपको एक बार फिर उस सफेद बस के बारे में बताने जा रहे हैं जिसने निर्भया के दोषियों को पकड़वाने में दिल्ली पुलिस की बहुत बड़ी मदद की। उस रात निर्भया अपने पुरुष दोस्त के साथ बस अड्डे पर घर जाने के लिए वाहन का इंतजार कर रही थी। तभी वहां पीली और हरी धारियों वाली एक सफेद बस उनके पास आई जिसमें एक लड़का द्वारका और पालम मोड़ की तरफ जाने के लिए आवाज लगा रहा था। 16 दिसंबर, 2012 की रात उसी बस में 23 वर्षीय फिजियोथेरेपी इंटर्न का बेरहमी से गैंगरेप किया गया था।

दिल्ली पुलिस के पूर्व आयुक्त नीरज कुमार ने किताब में किया खुलासा

दिल्ली पुलिस के पूर्व आयुक्त नीरज कुमार ने किताब में किया खुलासा

घटना के बाद पुलिस के लिए बस को खोजना कोई मुश्किल काम नहीं था। बस के पहियों के उपर से गायब हबकप और उसका सफेद रंग मुख्य सुराग था। दिल्ली पुलिस के पूर्व आयुक्त नीरज कुमार ने अपनी पुस्तक 'खाकी फाइल' में बताया कि जांच में बस का पता लगाना पुलिस के लिए पहला कमद था, एक जांच टीम ने दिल्ली परिवहन विभाग के अधिकारियों से पंजीकृत सभी सफेद बसों का विवरण मांगा। जल्द ही पुलिस के पास 320 सफेद बसों का विवरण था। कुछ अन्य टीमों द्वारा राष्ट्रीय राजमार्ग पर सभी होटल और गेस्टहाउस पर लगे सीसीटीवी फुटेज को स्कैन किया और दोषियों की खोज की।

पुलिस ने निर्भया के दोस्त से करवाई बस की पहचान

पुलिस ने निर्भया के दोस्त से करवाई बस की पहचान

पुलिस ने बस की फुटेज को निर्भया के दोस्त को दिखाया जिसने बस की पहचान की। इसके बाद पुलिस ने बस के मालिक के रूप में उत्तर प्रदेश के नोएडा के एक दिनेश यादव की पहचान की जिसने बताया कि उसके पास एक बस थी जिसमें लाल सीट कवर, पीले पर्दे और उसपर यादव लिखा हुआ था। बस मालिक ने जांचकर्ताओं को यह भी बताया कि बस चालक का नाम राम सिंह है जो आरके पुरम में गुरु रविदास कैंप के झोंपड़े में रहता था। पुलिस ने बाद में रविदास शिविर से बस को बरामद किया और राम सिंह को भी गिरफ्तार किया।

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English summary
Delhi Police identify the bus in which there was physical assualt with Nirbhaya
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