Jamia Firing: 14 दिन की सुरक्षात्मक हिरासत में भेजा गया आरोपी, उम्र जांच का होगा टेस्ट
नई दिल्ली। दिल्ली की एक अदालत ने जामिया फायरिंग मामले की सुनवाई करते हुए आरोपी शख्स को 14 दिन की सुरक्षात्मक हिरासत में भेज दिया है। वहीं, दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने जामिया के बाहर फायरिंग करने वाले शख्स की उम्र का पता लगाने के एक परीक्षण(ओसिफिकेशन टेस्ट) के लिए अप्लाई किया है। इससे पहले आरोपी को दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के समक्ष पेश किया।

जामिया नगर में गोली चलाने वाले नाबालिग को पुलिस ने शुक्रवार को जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड में पेश किया गया, जहां उसे 14 दिनों की प्रोटेक्टिव हिरासत में रखने का आदेश दिया गया। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने आरोपी की उम्र जांचने के लिए राम मनोहर लोहिया अस्पताल में आवेदन भेजा है। इसके बाद मेडिकल बोर्ड बनेगा। यदि जुवेनाइल बोर्ड इजाजत देगा तो नाबालिग का टेस्ट होगा और फिर उसका बोन ओसिफिकेशन टेस्ट होगा।
आरोपी 12वीं कक्षा का छात्र है। उसको एग्जाम के लिए किताबें मुहैया करवाने के लिए बोला है, ट्यूशन के लिए भी पूछा जिसका उसने कोई जवाब नहीं दिया। जांच में पता चला है कि उसने 10 हजार रुपये में गांव के एक शख्स से कट्टा खरीदा था। चंदन गुप्ता और कमलेश तिवारी की हत्या से वह दुखी था। कश्मीरी पंडितों के उत्पीड़न से जुड़ी पोस्ट सोशल मीडिया पर पढ़ता था और उससे भी आहत था। पुलिस सूत्रों ने बताया कि, आरोपी की सेवा कुटीर में काउंसलिंग होगी।
इस मामले की जांच दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच कर रही है। क्राइम ब्रांच को शक है कि इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। हो सकता है कि आरोपी का किसी ने ब्रेनवाश किया हो। ऐसे में पुलिस आरोपी के कॉल डिटेल्स को खंगाल रही है। इससे पहले गुरुवार को पुलिस ने आरोपी का फेसबुक अकाउंट बंद कर दिया था। जिस पर उनके कई विवादित बातें लिखी थी।












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