• search
क्विक अलर्ट के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  
For Daily Alerts

निर्भया मामले में सुनवाई पूरी, HC ने दोषियों की फांसी पर फैसला सुरक्षित रखा

|

नई दिल्ली। दिल्ली गैंगरेप मामले के दोषियों की फांसी की रोक के खिलाफ दायर की गई याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट ने सुनवाई पूरी कर ली है और फैसला सुरक्षित रख लिया है। निर्भया के दोषियों की फांसी पर कोर्ट ने सुनवाई पूरी कर फैसला सुरक्षित रखा है। गृह मंत्रालय की ओर से दायर की गई अर्जी पर दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई पूरी कर ली गई ।

 Delhi High Court reserved order on Center and Tihar jails plea challenging the trial courts order which had stayed the execution of the convicts in the 2012 Delhi gang-rape case.

निर्भया के दोषियों की फांसी पर रोक के खिलाफ दायर की गई याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले का इतंजार है। गृह मंत्रालय की ओर से दायर की गई याचिका पर जस्टिस सुरेश कैत ने सुनवाई की। वहीं केंद्र सरकार की ओरसॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने हाईकोर्ट में पक्ष रखा। सॉ0लिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सरकार का पक्ष रखते हुए कहा कि दोषी कानून का दुरुपयोग कर रहे हैं।

तुषार मेहता ने कहा कि अगर ट्रायल कोर्ट का आदेश बरकरार रहता है, तो दोषी पवन या तो क्यूरेटिव पिटिशन दायर कर सकता है या फिर दया याचिका। उन्होंने कहा कि दोषी पवन जानबूझकर क्यूरेटिव पिटीशन दाखिल नहीं कर रहा है। उन्होंने कहा कि दोषी जानबूझकर कानून को दुरुपयोग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि दोषी पवन गुप्ता एक साथ दो अधिकारों का उपयोग कर रहा था। उन्होंने सुनवाई शुरु होने के बाद निर्भयाकांड से जुड़े घटनाक्रम का एक चार्ट पेश किया, जिसमें उन्होंने दिखाया कि किन-किन दोषियों की याचिका बाकी है। उन्होंने कहा कि दोषियों द्वारा याचिका देरी से दखिल कर भारतीय न्याय व्यवस्था का मजाक उड़ाया जा रहा है। उन्होंने सुनवाई के दौरान क हा कि दोषी मुकेश की दया याचिका खरिज होने के बाद वो राष्ट्रपति के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देता है। वहां से भी राहत नहीं मिलने पर अक्षय दया याचिका राष्ट्रपति को भेजता है। उन्होंने कहा कि दोषी जानबूझकर मामले को लंबा खींच रहे हैं।

उन्होंने कहा कि इन दोषियों ने एक लड़की का सामूहिक रेप किया है और उसकी बर्बर तरीके से हत्या की है। अब ये दोषी जानबूझ कर फांसी में लटकाए रखने के लिए कानून का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि समाज के हित में और कानून के हित में निर्भया के गुनहगारों की फांसी में और विलंब नहीं होना चाहिए।

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
English summary
Delhi High Court reserved order on Center and Tihar jail's plea challenging the trial court's order which had stayed the execution of the convicts in the 2012 Delhi gang-rape case.
For Daily Alerts
तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
Enable
x
Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
X
We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more
X