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Marital Rape: शादी का मतलब पति के सामने खुद को समर्पित करना नहीं- कोर्ट

By Ankur Singh
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    नई दिल्ली। शादी के बाद पत्नी के साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाने को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट ने बड़ी टिप्पणी की है। कोर्ट ने कहा है कि शादी के बाद पत्नी के साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाना और रेप पूरी तरह से काल्पनिक है। शादी के बाद पति पत्नी पर आर्थिक और दबाव डालकर और ब्लैकमेल करके यौन संबंध बनाता है, लिहाजा यह कहना कि शादी के बाद जबरन पत्नी के साथ रेप नहीं किया जा सकता है यह पूरी तरह से भ्रम है। कोर्ट ने कहा कि शादी का मतलब यह नहीं होता है कि पत्नी को हर हाल में पति के सामने खुद को शारीरिक संबंध के लिए समर्पित कर देना है।

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    मानसिक दबाव डालकर रेप
    दिल्ली हाई कोर्ट के एक्टिंग चीफ जस्टिस गीता मित्तल और सी हरि शंकर ने यह बात एक एनजीओ द्वारा दायर याचिका की सुनवाई के दौरान कही। एनजीओ का दावा है कि शादी के बाद यौन शोषण के लिए धमकी और अन्य चीजों का सहारा लिया जाता है। कोर्ट ने कहा कि रेप, रेप होता है, अगर आप शादीशुदा है तो यह ठीक है और शादीशुदा नहीं हैं तो यह गलत यह नहीं कहा जा सकता है। आखिर क्यों इसे आईपीसी की धारा 375 से अलग रखना चाहिए, रेप के लिए जबरदस्ती करना जरूरी शर्त नहीं है, ब्लैकमेल और आर्थिक रूप से दबाव डालकर भी रेप किया जा सकता है।

    शादी का मतलब खुद को समर्पित करना नहीं होता
    हालांकि आईपीसी की धारा 375 के तहत अगर पति अपनी पत्नी के साथ 15 वर्ष तक यौन संबंध बनाता है तो उसे रेप नहीं कहा जा सकता है। जस्टिस गीता मित्तल ने कहा कि अब रेप की परिभाषा बिल्कुल बदल गई है, पति द्वारा किया जाने वाला रेप जबरन होगा यह जरूरी नहीं है, यह अब भ्रम है। अब पति ब्लैकमेल करके और आर्थिक रूप से दबाव डालकर भी पत्नी संग रेप कर सकता है। बच्चों और अन्य जरूरतों का हवाला देकर भी पति पत्नी के साथ रेप कर सकता है, इन मजबूरियों में महिला को जबरन खुद को समर्पित करना पड़ता है।

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    एनजीओ ने किया विरोध
    कोर्ट उस पीआईएल पर सुनवाई कर रही थी जिसमे कहा गया था कि शादी के बाद रेप को अपराध माना जाए, लेकिन मेन वेलफेयर ट्रस्ट नाम की एनजीओ ने इसका विरोध किया। एनजीओ का कहना है कि पत्नी के साथ पति का यौन संबंध रेप की श्रेणी में नहीं आ सकता है, यह असंवैधानिक नहीं है। ट्रंस ने रिट फाउंडेशन द्वारा दायर याचिका का विरोध करते हुए कहा कि शादी के बाद पत्नी के साथ रेप नहीं कर सकता है।

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    English summary
    Delhi high court on Marital rape it does not mean wife has to submit.

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