एयर इंडिया विनिवेश: दिल्ली हाईकोर्ट से सुब्रमण्यम स्वामी को झटका, अपनी ही सरकार के खिलाफ दायर की थी याचिका
एयर इंडिया विनिवेश: दिल्ली हाईकोर्ट से सुब्रमण्यम स्वामी को झटका, अपनी ही सरकार के खिलाफ दायर की थी याचिका
नई दिल्ली, 06 जनवरी: दिल्ली हाईकोर्ट ने भाजपा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी की एयर इंडिया विनिवेश प्रक्रिया को निरस्त करने की मांग वाली याचिका को खारिज कर दी है। दिल्ली हाईकोर्ट ने बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी को बड़ा झटका लगा है। इस मामले पर सुनवाई 04 जनवरी को हुई थी, जिसका फैसला 06 जनवरी को दिल्ली हाईकोर्ट ने सुनाया है। मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल और न्यायमूर्ति ज्योति सिंह की खंडपीठ ने कहा कि सुब्रमण्यम स्वामी की जनहित याचिका खारिज की जाती है। सुब्रमण्यम स्वामी ने अपनी याचिका में कहा है कि एयर इंडिया और टाटा संस का किया गया ये समझौता पूरी तरह से देश के खिलाफ है।

वहीं कोर्ट में सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने एयर इंडिया की विनिवेश प्रक्रिया को रद्द करने की सुब्रमण्यम स्वामी की याचिका का विरोध किया था। केंद्र की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने 04 जनवरी को कोर्ट में कहा था कि एयर इंडिया विनिवेश करने का एक नीतिगत फैसला है। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने केंद्र का पक्ष रखते हुए कहा था कि एयर इंडिया लगातार घाटे में जा रही थी, सरकार ये नुकसान और अधिक नहीं उठा सकती थी।
केंद्र सरकार ने दो साल पहले एयर इंडिया के विनिवेश की घोषणा की थी, उसी वक्त से सुब्रमण्यम स्वामी इसके खिलाफ हैं। टाटा समूह ने एयर इंडिया के लिए बोली लगाई थी। सरकार ने पिछले साल अक्टूबर में एयरलाइन की बिक्री के लिए टाटा संस के साथ 18,000 करोड़ के खरीद समझौते पर हस्ताक्षर किए थे।
सुब्रमण्यम स्वामी ने अपनी याचिका में आरोप लगाया कि बोली प्रक्रिया मनमानी, भ्रष्ट, जनहित के खिलाफ और टाटा समूह के पक्ष में धांधली की गई है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि दूसरी बोली लगाने वाला स्पाइसजेट के मालिक के नेतृत्व वाला एक संघ था। हालांकि, मद्रास हाईकोर्ट में कंपनी के खिलाफ दिवाला कार्यवाही चल रही है, यह बोली लगाने की हकदार नहीं थी और इस प्रकार प्रभावी रूप से केवल एक बोलीदाता था।












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