• search
क्विक अलर्ट के लिए
अभी सब्सक्राइव करें  
क्विक अलर्ट के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  
For Daily Alerts

दिल्ली हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, ऑनलाइन क्लास के लिए इन छात्रों को मिलेंगे फ्री मोबाइल-लैपटॉप

|

नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने ऑनलाइन कक्षाओं तक छात्रों की पहुंच आसान बनाने के लिए शुक्रवार को एक बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने निजी स्कूलों और सरकारी स्कूलों जैसे केंद्रीय विद्यालयों को आदेश दिया है कि ईडब्ल्यूएस/डीजी (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग / वंचित समूह) श्रेणी के छात्रों को गैजेट यानी मोबाइल और लैपटॉप दें। इसके साथ ही छात्रों को इंटरनेट पैकेज भी दिया जाए। ताकि ये ऑनलाइन कक्षा प्राप्त कर सकें।

    Delhi Highcourt का फैसला,Online Class के लिए छात्रों को दिए जाएं फ्री मोबाइल-लैपटॉप | वनइंडिया हिंदी
    गैजेट्स मुफ्त में उपलब्ध कराएंगे स्कूल

    गैजेट्स मुफ्त में उपलब्ध कराएंगे स्कूल

    इसके साथ ही कोर्ट ने ये भी स्पष्ट कर दिया है कि गैजेट, इंटरनेट पैकेज और डिजिटल सामान ट्यूशन फीस का हिस्सा नहीं होंगे। इन सभी चीजों को निजी और सरकारी स्कूल ईडब्ल्यूएस/डीजी श्रेणी के छात्रों को मुफ्त में उपलब्ध कराएंगे।आपको बता दें कोरोना वायरस के कारण महीनों से स्कूल बंद हैं। छात्रों की पढ़ाई को कोई नुकसान ना हो इसके लिए शिक्षक ऑनलाइन कक्षाएं ले रहे हैं। लेकिन आर्थिक रूप से कमजोर छात्र इस तरह की कक्षा नहीं ले पा रहे जिसके कारण उनकी पढ़ाई को काफी नुकसान हो रहा है। इसी वजह से हाईकोर्ट ने ये फैसला सुनाया है।

    एनजीओ ने दायर की थी याचिका

    एनजीओ ने दायर की थी याचिका

    एक रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली हाईकोर्ट के इस आदेश से निजी स्कूल के 50 हजार से अधिक छात्रों को लाभ मिलेगा। न्यायमूर्ति मनमोहन और संजीव नरूला ने कहा कि इस तरह की सुविधा उपलब्ध नहीं होने के कारण छात्र शिक्षा नहीं ले पा रहे हैं। कोर्ट ने ये बातें उस याचिका की सुनवाई के दौरान कही हैं, जिसे एक एनजीओ जस्टिस फॉर ऑल ने दायर किया था। इस याचिका में मांग की गई है कि केंद्र और दिल्ली सरकार को ये आदेश दिया जाए कि वह गरीब बच्चों को मुफ्त लैपटॉप, टैबलेट और मोबाइल फोन उपलब्ध कराएं। ताकि वह कोरोना वायरस लॉकडाउन के बीच भी पढ़ सकें।

    तीन सदस्यीय कमेटी गठित होगी

    तीन सदस्यीय कमेटी गठित होगी

    इसके साथ ही दो जजों की इस बेंच ने एक तीन सदस्यीय कमेटी गठित करने का आदेश भी दिया है। जिसमें केंद्र की ओर से शिक्षा सचिव, दिल्ली सरकार के शिक्षा सचिव, उनके नामांकित व्यक्ति और निजी स्कूल के प्रतिनिधी शामिल होंगे, ताकि गरीब और वंचित छात्रों की पहचान कर उन्हें गैजेट्स की आपूर्ति की प्रक्रिया में तेजी लाई जा सके।

    दिल्ली में हर तीसरा व्यक्ति कोरोना का शिकार हुआ, 33% में मिली एंटीबॉडी, जानिए क्या हैं इसके मायने?

    देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
    English summary
    delhi high court directs private and govt schools to provide gadgets to students for online class
    For Daily Alerts
    तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
    Enable
    x
    Notification Settings X
    Time Settings
    Done
    Clear Notification X
    Do you want to clear all the notifications from your inbox?
    Settings X
    X