दिल्ली के बाद एनसीआर के शहरों तक महिलाओं को मिल सकता है निशुल्क मेट्रो का फायदा
नई दिल्ली। दिल्ली सरकार की प्रस्तावित सार्वजनिक परिवहन किराया छूट योजना में उन महिला यात्रियों को भी शामिल किया जा सकता है जो दिल्ली की सीमा के बाहरी स्टेशन तक यात्रा करती हैं। बता दें कि मेट्रो नेटवर्क 373 किमी तक फैला हुआ है जो कि दिल्ली के अलावा गुड़गांव, फरीदाबाद, बहादुरगढ़ और हरियाणा के बल्लभगढ़ और उत्तर प्रदेश के नोएडा और गाजियाबाद को कवर करता है। ऐसे में हजारों की संख्या में महिलाए हैं जो दिल्ली से गाजियाबाद या फार दिल्ली से गुड़गांव के लिए रोजाना यात्रा करती हैं।

पूरे एनसीआर में महिला यात्रियों को छूट देने पर विचार
इस संबंध में परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने कहा कि सरकार का इरादा दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) द्वारा सूचित जाने के बाद एनसीआर शहरों के बीच यात्रा करने वाली महिलाओं के किराए में छूट का विस्तार करने का है, ऐसे लोगों की संख्या 3-4 प्रतिशत से अधिक नहीं है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में हम बैठक आयोजित कर रहे हैं। कुछ मामलों में महिलाएं दिल्ली से एनसीआर शहरों की यात्रा करती हैं। हालांकि उनको लेकर कोई भ्रम की स्थिति नहीं है। लेकिन हम अभी भी इस केस पर विचार कर रहे हैं, जो दिल्ली के बाहर से मेट्रो पकड़ती हैं और दिल्ली के बाहर अपनी यात्रा को खत्म करती हैं। शायद इस योजना का लाभ उन्हें भी मिले।

एनसीआर में यात्रा करने वाली महिलाओं को मिल सकता है छूट
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने कहा कि शुरू में केवल दिल्ली में स्थित एक स्टेशन से दूसरे मेट्रो स्टेशन में प्रवेश करने वालों को छूट देने के सुझाव थे। लेकिन जॉब करने वाले अधिकतर नियमित रूप से दिल्ली से नोएडा और गुड़गांव जाते हैं। अधिकारी ने कहा कि काम के बाद जो लोग एनसीआर के शहरों से दिल्ली लौटेंगे, उन्हें इसका लाभ नहीं देना बेतुका होगा। जबकि अधिकारी ने कहा कि इस प्रस्ताव को लेकर मसौदा तैयार किया जा रहा है। इसके अलावा इस फैसले के लिए जनता की ओर से सुझाव और प्रतिक्रिया देने की समय सीमा को भी आगे बढ़ाते हुए 30 जून कर दिया है।

ईटीएम मशीन में करने पड़ सकते हैं बदलाव
डीडीसी के उपाध्यक्ष जैस्मीन शाह ने कहा कि सोमवार तक लगभग 3,700 सुझाव मिले थे। दरअसल डीसीसी को सरकार के लिए फीडबैक देने और उसका विश्लेषण करने का काम सौपा गया है। वहीं गहलोत ने कहा कि ईटीएम (इलेक्ट्रॉनिक टिकटिंग मशीन) को फिर से शुरू करना पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि उन मशीनों को चलाने वाले सॉफ्टवेयर में एक 'महिला' विकल्प जोड़ा जाएगा ताकि योजना का लाभ उठाने के इच्छुक यात्री से शुल्क नहीं लिया जा सके। गहलतो ने परिवहन विभाग को 11 जून तक प्रस्ताव पर कैबिनेट नोट तैयार करने का निर्देश दिया है।












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