CBSE की 10वीं, 12वीं की परीक्षा कराना अभी संभव नहीं, इंटरनल नंबरों के आधार पर पास किए जाएं स्टूडेंट: सिसोदिया
नई दिल्ली। दिल्ली सरकार ने लॉकडाउन को देखते हुए आज मानव संसाधन विकास मंत्री डॉ रमेश पोखरियाल निशंक से सीबीएसई की 10वीं और 12वीं बोर्ड के छात्रों को आंतरिक परीक्षाओं के आधार पर पास करने की मांग की है। दिल्ली के शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने डॉ निशंक के साथ देश के अन्य शिक्षामंत्रियों की चर्चा में शामिल होकर यह मांग की। उन्होंने कहा कि सीबीएसई की 10 और 12वीं की बची हुई परीक्षाएं कराना अभी सम्भव नहीं होगा, अत: आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर ही बच्चों को पास किया जाय जैसा कि नौंवी और 11वीं के बच्चों को पास किया गया है।

उन्होंने कहा कि अगले वर्ष के लिए समूचे पाठ्यक्रम में कम से कम 30 प्रतिशत की कमी की जाए और जेईई, नीट तथा अन्य उच्च शिक्षा संस्थानों की प्रवेश परीक्षाएं भी कम किए गए पाठ्यक्रम के आधार पर ही ली जाएं। उन्होंने बताया कि दिल्ली सरकार ने दूरदर्शन और एआईआर एफएम पर रोजाना तीन तीन घंटे के समय की मांग की है ताकि दिल्ली सरकार के शिक्षक सभी बच्चों के लिए ऑन एयर क्लास चला सकें।
बता दें कि मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल 'निशंक' ने सोमवार को सोशल मीडिया के जरिए अभिभावकों से उन तमाम मुद्दों पर बात की, जिसका सामना स्टूडेंट्स लॉकडाउन के दौरान कर रहे हैं। इस दौरान अभिभावकों की तरफ से सबसे ज्यादा सवाल बोर्ड के पेंडिंग एग्जाम के बारे में ही पूछे गए। इस बारे में बात करते हुए मंत्री ने कहा था कि 83 सब्जेक्ट्स के एग्जाम अभी पेंडिंग हैं, जिसमें से सिर्फ 29 ही मेन सब्जेक्ट्स हैं। सीबीएसई (CBSE) सभी मेन सब्जेक्ट की लिस्ट पहले ही जारी कर चुका है। बोर्ड की परीक्षाएं लॉकडाउन खत्म होने के बाद स्थिति सुधरने पर आयोजित की जाएंगी।
हालांकि, अब ये देखना होगा कि क्या मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल 'निशंक' दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के सुझाव को स्वीकार करके 10वीं और 12वीं बोर्ड के स्टूडेंट्स को बिना एग्जाम दिए ही पास करते हैं या फिर अपने सोमवार के बयान के मुताबिक 10वीं और 12वीं बोर्ड की परीक्षाएं लॉकडाउन खत्म होने के बाद स्थिति सुधरने पर आयोजित करने का निर्णय लेते हैं।












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