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बुराड़ी कांड: 11 मौतों से जुड़े 11 अंकों के कनेक्‍शन में नया मोड़, जानिए चौंंकाने वाली ये नई थ्‍योरी

By Ankur Kumar Srivastava
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नई दिल्‍ली। पूरे देश को दहला देने वाले दिल्ली के बुराड़ी कांड में पुलिस अब तक किसी अंतिम निर्णय तक नहीं पहुंच पाई है, लेकिन हर दिन कुछ न कुछ नया खुलासा हो रहा है। वहीं 11 मौतों से जुड़ा एक नया संयोग सामने आया है। यकीन मानिए आप आप 11 के इस समीकरण को समझने के बाद सोच में पड़ जाएंगे कि ये महज एक इत्तेफाक है या फिर कोई बड़ी पहेली। जिस मकान नंबर 137 में परिवार की मौत हुई अगर उसका जोड़ निकालें तो 11 आएगा। इसी तरह मामले में दर्ज की गई एफआईआर का नंबर-308 है, इसका भी जोड़ 11 ही है। उसी तरह वर्ष 2018 में परिवार ने फांसी लगाई, इसका भी जोड़ देखा जाए तो वह भी 11 ही है।

जानिए चौकाने वाली थ्‍योरी

जानिए चौकाने वाली थ्‍योरी

  • बुराड़ी कांड का FIR नंबर 308 है, जिसका कुल योग 3+0+8= 11 है।
  • बुराड़ी कांड जिस घर में हुआ उस घर का नंबर 137 है, जिसका कुल योग 1+3+7= 11 बैठता है।
  • जब बुराड़ी कांड हुआ इस साल यानी 2018, जिसका भी कुल योग 2+0+1+8= 11 ही है।

11 मौतों से जुड़ा 11 अंक और लगातार आ रही 11 की थ्योरी से लोग ही नहीं पुलिस भी हैरान है। घर के आस-पास रहने वाले लोग भी अब इस घर से बाहर आने वाली 11 नंबर की थ्योरी से डरने लगे हैं।

11 का खेल जान बुझकर खेला गया या महज इत्तेफाक

11 का खेल जान बुझकर खेला गया या महज इत्तेफाक

पुलिस को भाटिया परिवार के पास से मिले रजिस्टर, डायरी और नोट्स से पता चला कि पिता भोपाल सिंह चुंडावत की मौत के बाद से ललित ने वर्ष 2007 यानि 11 साल पूर्व सभी बातें लिखना शुरू कर दिया था। घर में लगे 11 पाइप और लोहे के गेट पर लगी 11 पत्तियां भी ललित ने जानबूझकर लगवाई या यह भी महज इत्तेफाक था, पुलिस अभी इसका भी पता लगाने का प्रयास कर रही है। क्या वाकई 11 की संख्या को लेकर ललित व उसका परिवार काम करता था, इसका भी पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है, हालांकि घर में मिले रजिस्टर व बाकी लिखित नोट्स से किसी भी 11 नंबर की बात का पता नहीं चलता है।

पुलिस कराएगी साइकोलॉजिकल ऑटोप्सी

पुलिस कराएगी साइकोलॉजिकल ऑटोप्सी

बुराड़ी में एक ही परिवार के 11 लोगों की मौत मामले में दिल्‍ली पुलिस साइकोलॉजिकल ऑटोप्सी कराएगी। साइकोलॉजिकल ऑटोप्सी में यह देखा जाता है कि व्यक्ति अपनी मृत्यु से पहले किस मनोदशा में रहा होगा। मानव व्यवहार एवं संबद्ध विज्ञान संस्थान (इबहास) के निदेशक निमेष देसाई ने शनिवार को कहा कि बुराड़ी में एक ही परिवार के 11 सदस्यों की मौत के मामले में सामने आ रही दो तरह की बातों को अलग-अलग देखने की बजाय मिलाकर देखा जाना चाहिए।

कॉल रिकॉर्ड के आधार पर 500 लोगों की सूची की तैयार

कॉल रिकॉर्ड के आधार पर 500 लोगों की सूची की तैयार

इस मामले की तह तक पहुंचने के लिए क्राइम ब्रांच हरसंभव कोशिश में जुटी हुई है। भाटिया परिवार के घर से सारे सबूतों और साक्ष्यों को इकट्ठा करने के बाद अब पुलिस मृतकों के कॉल रिकॉर्ड खंगाल रही है। पुलिस ने बताया कि परिवार के सभी सदस्यों के मोबाइल जब्त कर उनके कॉल रिकॉर्ड निकाले गए हैं और इन कॉल रिकॉर्ड के आधार पर पूछताछ के लिए कुल 500 लोगों की सूची तैयार की गई है।

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English summary
Delhi Burari deaths: Female occult practitioner detained; police to conduct psychological autopsy of family members.
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