दिल्ली की हवा फिर हुई खराब, बोले राजधानी वासी- 'लॉकडाउन में पंजाब से हिमालय दिख रहा था, ये हमारी गलती है'
दिल्ली की हवा फिर हुई खराब, बोले राजधानी वासी- 'लॉकडाउन में पंजाब से हिमालय दिख रहा था, ये हमारी गलती है'
नई दिल्ली: दिल्ली सहित NCR में एक बार फिर हवा में प्रदूषण का स्तर बेहद खतरनाक हो गया है। सर्दियों के दस्तक के साथ ही दिल्ली में वायु प्रदूषण का स्तर बहुत खराब होने लगा है। रविवार (11 अक्टूबर) की सुबह से ही पूरी राजधानी धुंध की चादर में लिपटी रही। दिल्ली के सभी इलाकों में एयर क्वालिटी इंडेक्स खराब स्तर पर है। रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) के डाटा के अनुसार आईटीओ, पटपड़गंज,आरके पुरम और रोहिणी में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) खराब स्तर पर है-आईटीओ में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI)264 पर, पटपड़गंज में 228 पर, आरके पुरम में 235 पर और रोहिणी में 246 पर है।
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इस पूरे मामले पर बात करते हुए दिल्ली के एक शख्स ने कहा, लॉकडाउन में ऐसी खबरें आई थीं कि पंजाब से हिमालय दिखाई दे रहा था। अब, हम पहले चरण में वापस आ गए हैं। हम सभी इसके लिए जिम्मेदार हैं। ये हमारी गलती है।
दिल्ली में प्रदूषण बढ़ने से इंडिया गेट पर मॉर्निंग वॉक करने आए लोगों को काफी दिक्कत हो रही। एक व्यक्ति ने बताया, "लॉकडाउन के समय प्रदूषण बिल्कुल नहीं था लेकिन अब प्रदूषण काफी बढ़ रहा है तो हमें मास्क के साथ-साथ सांस लेने में और दिक्कत हो रही है।"
दिल्ली में तैनात होगी एंटी स्मॉग गन
दिल्ली केजरीवाल सरकार का कहना है कि वो वायु प्रदूषण के खिलाफ कदम उठाए जाएंग। इसी वजह से दिल्ली के 10 खास जगहों पर एंटी स्मॉग गन लगाए गए हैं। इसके अलावा 83 वॉटर स्प्रिंकलर और 24 मैकेनिकल रोड स्वीपर भी लगाए जाएंगे। हालांकि ये सारे मशीन दक्षिणी दिल्ली में लगेंगे। दक्षिणी दिल्ली नगर निगम (एसडीएमसी) की मानें तो उन्होंने वायु प्रदूषण पर काबू पाने के लिए पहले से विशेष तैयारियां शुरू कर दी हैं।
प्रदूषण को काबू करने के मद्देनजर दिल्ली के चारों जोन में नाइट पेट्रोलिंग की जाएगी ताकी लोग रात में कूड़ा ना जलाएं। वहीं डेम्स विभाग भी कड़े नियम लागू करेगी।
कोरोना काल में वायु प्रदूषण घातक
दिल्ली में हर साल अक्टूबर, नवंबर के महीने में वायु प्रदूषण का स्तर बढ़ जाता है। लेकिन कोरोना काल में इसका बढ़ना बहुत ही गंभीर भी हो सकता है। एक्सपर्ट ने भी इसको लेकर चेताया है। अमेरिका के एक रिसर्च में पाया गया है कि वायु प्रदूषण में बढ़ता हुआ नाइट्रोजन डाई आक्साइड कोरोना मरीजों के लिए खतरा है।
वहीं पर्यावरणविद अनिल सूद के मुताबिक दिल्ली की खराब होती वायु गुणवत्ता सीधे फेफड़ों पर असर करती है और कोरोना भी वहीं वार करता है। इसलिए देखा जाए तो दिल्ली वासियों के लिए ये एक गंभीर संकट का वक्त है।









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