• search

स्मॉग की गिरफ्त में दिल्ली-NCR, EPCA ने जारी किए ये निर्देश

By VikashRaj Tiwari
Subscribe to Oneindia Hindi
For Quick Alerts
ALLOW NOTIFICATIONS
For Daily Alerts

    नई दिल्ली। दिल्ली एनसीआर में प्रदूषण की लगातार बिगड़ती हालत से निपटने के लिए कई सख्त कदम फौरन उठाने की जरूरत है, वरना घुटन और चुभन और बढ़ जाएगी। यानी गैस चेंबर और ज्यादा घातक हो जाएगा। पर्यावरण प्रदूषण रोकथाम और नियंत्रण प्राधिकरण (ईपीसीए) ने दिल्ली के लिए सामान नहीं लाने वाले ट्रकों के प्रवेश पर रोक लगा दिया है। ईपीसीए ने यातायात पुलिस से यातायात कर्मियों को बढ़ाने को कहा है और धूल नियंत्रण के लिए पर्याप्त उपाय नहीं अपनाने वाली निर्माण कंपनियों पर 50,000 रुपये का जुर्माना लगाने का आदेश दिया है। ईपीसीए के चेयरमैन भूरेलाल ने सरकार को गंभीर श्रेणी के तहत ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान के तहत सभी उपाय अपनाने के निर्देश दिए हैं।

    स्मॉग की गिरफ्त में दिल्ली-NCR, EPCA ने जारी किए ये निर्देश

    EPCA ने ये निर्देश जारी किए हैं

    • बिना जिग जैग सर्टिफिकेट वाले ईंट भट्ठे फौरन बंद किये जाएं, कायदे से तो सरकारों को सभी ईंट भट्ठे बंद करने होंगे क्योंकि अभी तो इन राज्यों में एक भी ईंट भट्ठा जिग जैग तकनीक के सर्टिफिकेट वाला नहीं है।
    • इमारतें और सड़कें बनाने वाले हॉट मिक्स प्लांट और स्टोन क्रेशर फौरन बंद किए जाएं।
    • इमारतों का निर्माण या ध्वंस फौरन रोका जाए, क्योंकि हवा में प्रदूषण वाले कण बढ़ाने में मलबों की धूल का खास और खतरनाक योगदान है।
    • जरूरत पड़े तो ऑड इवन सिस्टम फिर से लागू किया जाए, इसके लिए जनता के लिए भी जरूरी है कि गैस और बिजली बैटरी आधारित वाहन चलाएं।
    • पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम को मजबूत बनाना जरूरी है. इसमें सड़क, रेल और मेट्रो की सेवाएं बेहतर करने के साथ साथ इनके फेरे और कोच की तादाद भी बढ़ाना और पीक आवर्स में किराया घटाना लाजिमी होगा।
    • सभी राज्यों में सड़कें बनाने वाली एजेंसियों पर पांच लाख रुपये तक जुर्माना लगाया जाए जो धूल और प्रदूषण को रोकने के समुचित उपाय किये बिना सड़कें बना रही हैं। साथ ही ईपीसीए ने निर्देश दिया है कि ऐसी एजेंसियों पर प्रति स्ट्रेच प्रतिदिन पचास हजार रुपये जुर्माना वसूला जाए।
    • सड़कों की सफाई बिना धूल उड़ाये हो, यानी झाड़ू लगाने या मशीनों से सफाई करने के पहले पानी की फुहारें छोड़ी जाएं।
    • दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति की ओर से तय की गई अस्पताल जैसी बेहद जरूरी सेवाओं के अलावा दिल्ली-एनसीआर में जेनरेटर चलाने पर पूरी पाबंदी लगाई जाए।
    • पार्किंग शुल्क में चार गुना तक बढ़ोतरी फौरन की जाए, ताकि लोग सार्वजनिक वाहनों का उपयोग आवाजाही के लिए करें।
    • होटल और रेस्तरां में खाना पकाने और सर्दियों में गर्माहट के लिए कोयले के इस्तेमाल पर रोक लगे। इस बाबत पेटकोक और फर्नेस ऑयल को लेकर सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन किया जाए।
    • सभी सघन ट्रैफिक वाली जगहों पर जहां जाम ज्यादा लगता है वहां के ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम को सुधारा जाए।
    • जिन ट्रकों पर लदे सामान ना तो दिल्ली या एनसीआर में उतरने हैं और ना ही यहां से लदने हैं यानी जिनका दिल्ली-एनसीआर से कोई लेना देना नहीं उनके एनसीआर में प्रवेश पर पाबंदी लगाई जाए, उनके लिए वैकल्पिक रास्ते तय हों।
    • इन निर्देशों के पालन के लिए ईपीसीए ने केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टास्क फोर्स को भी समन्वय करने को कहा है।ईपीसीए ने सभी स्कूलों को भी निर्देश दिया है कि वो बच्चों की आउटडोर एक्टिविटी भी अगले कुछ दिनों के लिए टाल दें।

    जीवनसंगी की तलाश है? भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें - निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!

    देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
    English summary
    Delhi air pollution: Dos and don’ts to be followed by governments immediately, epca guideline

    Oneindia की ब्रेकिंग न्यूज़ पाने के लिए
    पाएं न्यूज़ अपडेट्स पूरे दिन.

    X
    We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more