सनोफी-जीएसके की कोरोना वैक्सीन के तीसरे फेज के ट्रायल को DCGI की मंजूरी
देश को मिल सकती है एक और कोरोना वैक्सीन, सनोफी-जीएसके को तीसरे फेज के ट्रायल के लिए DCGI की मंजूरी
नई दिल्ली, 8 जुलाई: ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (डीसीजीआई) ने सनोफी और जीएसके को भारत में अपनी कोरोना वैक्सीन के तीसरे फेज के ट्रायल के लिए मंजूरी दे दी है। फ्रांस की फार्मा कंपनी सनोफी यूके की ग्लैक्सो स्मिथ क्लाइन (जीएसके) के साथ मिलकर वैक्सीन बना रही है। डीजीसीआई ने सनोफी-जीएसके को भारत में उनकी कोरोना वैक्सीन की सुरक्षा और प्रतिरक्षात्मकता के आकलन के लिए तीसरे फेज के ट्रायल की इजाजत दी गई है। अगर ट्रायल के नतीजे ठीक रहते हैं तो वैक्सीन के भारत में इस्तेमाल की मंजूरी भी मिल सकती है।
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सनोफी और जीएसके की वैक्सीन के तीसरे फेज के इस ट्रायल में 35,000 से ज्यादा वॉलिंटियर शामिल होंगे। सनोफी की ओर से जारी बयान में कहा कि हम भारत में तीसरे चरण के ट्रायल शुरू कर रहे हैं। ट्रायल में हम पहले वायरस स्ट्रेन (D614) को लक्षित करने वाले वैक्सीन निर्माण की प्रभावकारिता की जांच करेंगे, इसके बाद बीटा संस्करण (B1351) को लक्षित करने वाले दूसरे फॉर्मूलेशन का मूल्यांकन होगा।
भारत में इस समय दो वैक्सीन का ही मुख्यतैर पर इस्तेमाल हो रहा है। ये हैं भारत बायोटेक की कोवैक्सीन और एस्ट्रेडेनेका-ऑक्सफॉर्ड की वैक्सीन, जिसे भारत में कोविशील्ड के नाम से बनाया जा रहा है। रूस की स्पुतनिक-वी को भी हाल ही में भारत में इस्तेमाल की मंजूरी दी गई है।
भारत में कोरोना टीकाकरण अभियान जनवरी में शुरू हुआ था। शुरू में स्वास्थ्यकर्मियों और फ्रंटलाइन वर्करों को टीके लगाए गए थे। इसके बाद 45 साल से ज्यादा उम्र के लोगों को वैक्सीन दी गई। मई से देश में 18 साल से ज्यादा उम्र के लोगों को टीके लग रहे हैं।












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