दिल्ली: 10 साल पहले गायब हुई बेटी घर लौटी, सुनाई दर्दनाक कहानी

नई दिल्ली। 2006 के जुलाई महीने में एक दिन दिल्ली के खजूरी खास की एक नाबालिग लड़की के साथ रास्ते में कुछ ऐसा दर्दनाक हुआ कि वह 10 साल बाद खौफनाक जिंदगी जीकर घर लौट पाई। उसके बदन पर पड़े जख्म और सिगरेट से जलाने के दाग उसके साथ हुए जुल्म की कहानी कहते हैं। इन दस सालों में न सिर्फ उसका अपहरण हुआ बल्कि गुलाम बनाकर बार बार बलात्कार की शिकार हुई, शादी के लिए एक नशेड़ी को बेची गई, बेवा बनी, दो बच्चों को उससे छीना गया।

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टीओआई की खबर के अनुसार, खजूरी खास की सीमा (बदला हुआ नाम) लगभग 10 साल बाद इन सारी यातनाओं को झेलते हुए 24 जुलाई को 22 साल की उम्र में जब घर लौटी तो उसकी मां उसे देखकर भूत समझ बैठी और बेहोश हो गई। सीमा का दर्जी पिता वहां बेटी से मिलने के लिए मौजूद नहीं थे। उनकी मौत जंतर मंतर पर लू लगने की वजह से हुई। वह सीमा का केस फाइल 2008 में पुलिस द्वारा बंद किए जाने का विरोध जंतर मंतर पर कर रहे थे।

सीमा ने 2006 के उस दुर्भाग्यपूर्ण दिन को याद करते हुए बताया कि जब वह घर से निकली थी तो एक मारुति कार ने उसे रोका। कोई उसमें से उतरा और उसे दबोच कर मुंह पर कपड़ा रख दिया, जिसे सूंघते ही वह बेहोश हो गई। जब होश आया तो सीमा ने खुद को एक और लड़की के साथ कमरे में बंद पाया। उस लड़की से सीमा को पता चला कि वह अंबाला में है और उसे बेचने के लिए यहां रखा गया है। वह घर से 200 किलोमीटर दूर थी।

सीमा ने बताया कि कुछ दिनों बाद उसे गुजरात के एक आदमी को बेचा गया। उसके बाद उसे अगले चार साल में सात बार सामान की तरह खरीदा बेचा गया। सभी खरीदारों ने उसका शारीरिक शोषण किया। सीमा ने कहा कि इन सबमें जग्गी ने सबसे ज्याादा उस पर जुल्म किया जिसने न सिर्फ उसका बलात्कार किया बल्कि उससे वेश्यावृति के लिए मजबूर किया। जग्गी उसे जरा सा भी विरोध करने पर पीटता था, उसे तरह-तरह की यातनाएं देता था। जग्गी उसे सिगरेट और जलती लकड़ी से दागा करता था।

2009 में सीमा को पंजाब के एक गांव में शादी के लिए नशे के आदी एक ट्रक ड्राइवर को बेचा गया जो उससे 20 साल बड़ा था। सीमा के दो बच्चे हुए और पति की मौत हो गई। पति की मौत के बाद ससुराल वालों ने उस पर जुल्म करना शुरू किया और यातना झेलने का दूसरा दौर चला। जब सीमा ने विरोध किया तो उसके दो बच्चों को उससे छीनकर घर से निकाल दिया।

हिंदू पर छपी खबर के अनुसार, इसके बाद सीमा फिर से पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में किसी के हाथ बेची गई। लेकिन इसके बाद सौभाग्य से सिलीगुड़ी में सीमा को दिल्ली की एक लड़की मिली जिसने उसकी मदद की। वह उसकी मदद से दिल्ली लौटी तो पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन पर एक और महिला मिली जो उसे खजूरी खास तक ले गई। वहां सीमा अपनी बड़ी बहन से पहले मिली जो फिर उसे मां के घर ले गई।

सीमा कहती है कि वह नहीं जानती कि उसे न्याय मिलेगा कि नहीं लेकिन अपने दो बच्चों को वह पाना चाहती थी क्योंकि वह नहीं चाहती कि बच्चे वो जिंदगी झेले जैसा उसने जिया है। सीमा की मां ने खजूरी खास पुलिस स्टेशन में केस दर्ज कराने की कोशिश की लेकिन वहां थानेदार ने उसे जरूरी दस्तावेज लाने को कहा। सीमा की मां कहती है कि वह पढ़ी लिखी नहीं है इसलिए वह कुछ नहीं कर पाई और निराश होकर थाने से लौट आई।

डीसीपी ए के सिंगला ने बताया है कि मंगलवार को पुलिस ने सीमा का बयान दर्ज किया है और इसी आधार पर अपहरण और बलात्कार का केस दर्ज किया जाएगा, जिसके बाद मामले की जांच होगी।

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