कानपुर में बीजेपी के खिलाफ चुनाव लड़ेंगी राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की बहू
दीपा पहले बीजेपी से टिकट मांग रही थीं, पार्टी के उम्मीदवार न बनाए जाने की वजह से निर्दलीय चुनाव लड़ने की घोषणा कर दी है।
कानपुर की झींझक नगर पालिका के लिए राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के परिवार से दो लोगों की दावेदारी को दरकिनार कर बीजेपी ने तीसरे को टिकट दे दिया। इस पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की बहू ने निर्दलीय चुनाव लड़ने की घोषणा की है। झींझक नगरपालिका चुनाव के लिए राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के भतीजे पंकज कोविंद की पत्नी दीपा ने निर्दलीय मैदान में उतरने का फैसला किया है। दीपा के चुनाव मैदान में उतरने से बीजेपा का सारा समीकरण बिगड़ता हुआ नजर आ रहा है। ऐसे में बीजेपी उन्हें मानने में जुटी है।

दीपा का मनाने की कोशिश में बीजेपी
दीपा पहले बीजेपी से टिकट मांग रही थीं, पार्टी के उम्मीदवार न बनाए जाने की वजह से निर्दलीय चुनाव लड़ने की घोषणा कर दी है। बीजेपी उन्हें मनाने की कोशिश कर रही है। कानपुर की झींझक नगरपालिका सीट अनुसूचित महिला के लिए आरक्षित है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद झींझक के ही रहने वाले हैं। उनके परिवार के दो सदस्यों ने बीजेपी से टिकट की दावेदारी की थी। लेकिन बीजेपी ने राष्ट्रपति कोविंद के परिवार के सदस्यों की दावेदारी को नजरअंदाज करते हुए सरोजनी देवी कोरी को उम्मीदवार घोषित कर दिया।पार्टी के इस फैसले के बाद राष्ट्रपति के भतीजे पंकज कोविंद की पत्नी दीपा ने बतौर निर्दलीय उम्मीदवार चुनाव में उतरने का फैसला किया। सूत्रों के मुताबिक दीपा 09 नवंबर को नामांकन दाखिल करेंगी। पंकज का कहना है कि वो काफी पहले से चुनाव की तैयारी कर रहे थे। झींझक के लोगों के कहने के बाद ही दीपा ने चुनाव में बतौर निर्दलीय उम्मीदवार उतरने का फैसला किया है।

सभी दलों ने की है जबर्दस्त तैयारी
दीपा 9 नवंबर को नामांकन दाखिल करने की बात कह रही हैं, लेकिन बीजेपी का मनना है कि उन्हें वो मना लेगी। झींझक के लोगों के कहने के बाद ही उनकी पत्नी दीपा ने चुनावी मैदान में निर्दलीय उतरने का फैसला किया है। वहीं दलितों में अच्छी पैठ रखने वाली बीएसपी निकाय चुनाव में दमखम दिखाने की तैयारी में है। विधानसभा चुनाव में अपना जनाधार खो चुकी बीएसपी निकाय चुनाव के जरिए 'कमबैक' करने की तैयारी कर रही है। पार्टी ने उन प्रत्याशियों को टिकट देने का फैसला किया है जो विरोधी पार्टियों के बागी हैं, लेकिन अपने वॉर्ड में सीट निकालने का दमखम रखते हैं। बीजेपी ने इस बार के नगर निकाय चुनाव में काफी गंभीरता से उतर रही है। इस बार बीजेपी ने कई सीटों पर मुस्लिम उम्मीदवारों को भी मैदान में उतारा है।

ऐसी है रामनाथ कोविंद की फैमिली
रामनाथ कोविंद की पत्नी का नाम सविता कोविंद है। इन दोनों ने 30 मई 1974 को शादी की थी। इनका एक बेटा है , जिसका नाम प्रशांत है। इनकी शादी हो चुकी है, जबकि बेटी का नाम स्वाति है, इन्होंने कानपुर यूनिवर्सिटी से बीकॉम, एलएलबी किया है और सफल वकील हैं। मौजूदा समय में बिहार के राज्यपाल रामनाथ कोविंद तीन भाइयों में सबसे छोटे हैं। परौंख गांव में कोविंद अपना पैतृक मकान बारातघर के रूप में दान कर चुके हैं। इनके बड़े भाइयों के नाम- प्यारेलाल औरस्वर्गीय शिवबालक राम हैं।












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