राफेल डील पर डसॉल्ट के सीईओ का बड़ा बयान, कही ये अहम बात
नई दिल्ली। बेंगलूरू में चल रहे एयरो इंडिया-2019 एयर शो में पहुंचे दसॉल्ट कंपनी के सीईओ एरिक ट्रैपियर ने भारत सरकार ओर उनकी कंपनी के बीच हुए राफेल सौदे पर बड़ा दिया है। सीईओ एरिक ट्रैपियर ने कहा कि राफेल में कोई घोटाला नहीं हुआ है। उन्होंने कहा है कि 36 विमानों की डील हुई थी और हम इसे देने जा रहे हैं। दसॉल्ट के मुखिया ने कहा कि ये हमारे लिए गर्व की बात है कि फॉल्कन 2000 की कॉकपिट को मेक इन इंडिया कार्यक्रम के तहत बनाया गया है।

बुधवार को मीडिया से बात करते हुए एरिक ट्रैपियर ने कहा कि, फेल डील में कोई घोटाला नहीं हुआ है। हमें 36 लड़ाकू विमान का ऑर्डर मिला था जिसे हम पूरा करने जा रहे हैं। अगर भारत को और भी विमान चाहिए तो हमें इसकी भी आपूर्ति करने में खुशी होगी। उन्होंने आगे कहा कि हमें भारत में एक सप्लाई चेन की जरूरत थी जिसके लिए हमें भारत में पार्टनर चाहिए था। इसके लिए हमनें ऑफसेट पार्टनर्स का चुनाव किया था।
ट्रैपियर ने कहा है कि उन्हें भारत के नियंत्रक महालेखा परीक्षक (कैग) और सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लेकर कोई बेचैनी नहीं थी क्योंकि यह डील साफ-सुथरी है। वहीं मोदी सरकार के मेक इन इंडिया की तारीफ करते हुए ट्रैपियर ने कहा कि, ये हमारे लिए गर्व की बात है कि फॉल्कन 2000 की कॉकपिट को मेक इन इंडिया कार्यक्रम के तहत बनाया गया है। ये गर्व की बात है कि कॉकपिट को सिर्फ एक साल के अंदर बना लिया गया।
आपको बता दें कि दसॉल्ट के सीईओ एरिक ट्रैपियर एक इंटरव्यू में कहा था कि हमने खुद अंबानी को चुना। हमारे रिलायंस के अलावा 30 अन्य पार्टनर्स भी हैं। इस सौदे का भारतीय वायुसेना इसलिए समर्थन कर रही है क्योंकि उन्हें खुद की रक्षा के लिए फाइटर्स जेट्स की आवश्यकता है। राफेल के कीमत को लेकर सीईओ ने कहा था कि वर्तमान विमान 9% सस्ते हैं। 36 विमानों की कीमत उतनी ही है जितनी 18 विमानों की थी। 18 से 36 दोगुना है।












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