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जानिए कौन है अलकायदा का एशिया प्रमुख असीम उमर

नई दिल्‍ली। पाकिस्‍तानी पत्रकार हामिद मीर के एक दावे के मुताबिक वह अल कायदा के नए दक्षिण एशिया प्रमुख से दो बार मिल चुके हैं। मीर का दावा यहां तक रहता तो ठीक था, लेकिन जब उन्‍होंने यह कहा कि यह प्रमुख एक भारतीय है तो चौंकना लाजिमी था।

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आईबी भी रह गई हैरान

जब इंटेलीजेंस ब्‍यूरो (आईबी) और उत्‍तर प्रदेश पुलिस से जब उमर के बारे में जानने की कोशिश की गई तो जो कुछ भी पता लगा वह वाकई हैरान करने वाला था। जानकारियों से पता चला कि उमर का काफी गहरा ताल्‍लुक है।

  • अल कायदा के भारत में गतिविधियों को असीम उमर ही संचालित करता है और इसे शेख उमर के नाम से भी जाना जाता है।
  • आईबी अधिकारियों की ओर से भी इस बात की पुष्टि की गई है कि यह शख्‍स भारतीय मूल का है।
  • भारतीय मूल के होने की वजह से ही अल कायदा की ओर से उमर को भारत में आतंक फैलाने की जिम्‍मेदारी सौंपी गई।
  • आईबी उमर के बारे में उस समय से पड़ताल कर रहे थे जब उन्‍हें भारत में अल कायदा की शाखा शुरू होने के बारे में जानकारी मिली थी।
  • आईबी इस बात को लेकर निश्चिंत थी कि अल कायदा ने जिस शख्‍स को भारत में नई जिम्‍मेदारी सौंपी है, वह एक भारतीय है।
  • आईबी को अपने शक को सच साबित करने के लिए उन्‍हें जांच के लिए थोड़ा और समय चाहिए था।

1995 में भारत से गया कराची

  • आईबी ने जांच के लिए सिमी से जुड़े आतंकियों जैसे हैदर अली से पूछताक्ष भी की।
  • हैदर अली वर्ष 2013 में हुए पटना ब्‍लास्‍ट का मुख्‍य आरोपी है।
  • आईबी को पूछताक्ष में पता चला कि हैदर अली और सिमी के दूसरे आतंकी अल कायदा को रिपोर्ट करते थे।
  • शेख उमर उस समय बहुत हद तक अल कायदा का एक अहम हिस्‍सा बन चुका था।
  • हैदर अली ने उमर की राष्‍ट्रीयता के बारे में जांच एजेंसियों को ज्‍यादा कुछ नहीं बताया।
  • उसने दावा किया कि उमर का भारत से काफी गहरा नाता है।
  • बताया जाता है कि वर्ष 1989 से ही उमर भारत से बाहर रह रहा है।
  • वह जब तक वह भारत में था तब तक सिमी के कैडर्स के साथ वह काफी सक्रिय था।
  • वर्ष 1995 में उसने फैसला किया कि वह अब पाकिस्‍तान के शहर कराची में बसेगा।
  • यहां उसने जामिया-उलूम-ए-इस्‍लामिया स्‍कूल में पढ़ाई की।

कश्‍मीर और असीम उमर

  • आईबी अधिकरी के मुताबिक उन्‍होंने उमर के कई वीडियो को काफी करीब से देखते आ रहे हैं।
  • आईबी अधिकारियों की मानें तो जिस अंदाज में उमर उर्दू बोलता है वह काफी हद तक भारतीय है।
  • यहीं से उन्‍हें उसके भारतीय मूल के बारे में कई अहम बातें पता चलीं।
  • उमर के आतंक के रास्‍ते पर चलने की वजह कश्‍मीर की समस्‍या थी।
  • उमर पहली बार हरकत-उल-मुजाहिद्दीन नाम के आतंकी संगठन से जुड़ा।
  • इस संगठन से जुड़ने के साथ ही उसने भारतीय सेनाओं के खिलाफ युद्ध छेड़ने की कसम खाई।

क्‍यों बना अल कायदा का चहेता

  • इसके बाद उमर कराची वापस लौट आया और फिर उसने जामिया-उलूम-ए-इस्‍लामिया में पढ़ाना शुरू कर दिया।
  • उमर की कट्टर विचारधारा की वजह से अल कायदा का ध्‍यान उस पर गया। कुछ ही वर्षों में वह अल कायदा की शरिया काउंसिल का प्रमुख बन गया।
  • उसका काम अल कायदा की विचारधारा के बारे में लोगों को बताना और सुनिश्चित करना था ताकि ज्‍यादा से ज्‍यादा युवा अलकायदा से जुड़ सकें।
  • उमर पाक से बाहर अफगानिस्‍तान में था। इसके बावजूद वह भारत में सिमी के कैडर्स के साथ बराबर संपर्क बनाए हुए था।
  • इस दौरान सिमी के प्रमुख सफदर नागौरी ने अल कायदा को समर्थन देने का वादा किया।
  • नागौरी ने भी इंटेलीजेंस एजेंसियों को यह बताया था कि वह अल कायदा के टॉप लीडर्स के साथ संपर्क में था।
  • इंटेलीजेंस एजेंसियों को इस बात पर पूरा यकीन है कि वह शख्‍स कोई और नहीं बल्कि असीम उमर ही था।

उमर के डरा देने वाले बयान
अल कायदा के बाकी नेताओं से अलग उमर ने हमेशा से ही भारत में अपनी खासी रूचि जाहिर की है। उसके ज्‍यादातर बयान भारत से जुड़े
हैं। एक नजर डालिए उमर के कुछ डरा देने वाले बयानों पर।

मुसलमानों को उकसाने की कोशिश

'आपके समंदर में कोई तूफान क्‍यों नहीं है।' उसने यह बयान भारत के लिए दिया था और माना जाता है कि उसने भारत के मुसलमानों को उकसाने के लिए यह बयान दिया था। ताकि वे अल कायदा का हिस्‍सा बन सकें।

बिहार

उसका एक और बयान था जिसमें उसने बिहार को निशाना बनाया था। उमर ने कहा था, 'क्‍या बिहार एक मुजाहिद्दीन तक नहीं दे सकता।'

उत्‍तर प्रदेश

उमर ने उत्‍तर प्रदेश के लिए कहा, 'क्‍या उत्‍तर प्रदेश में कोई मां ऐसी नहीं है जो अपने बेटे को मुजाहिद्दीन बनने के लिए प्रेरित करने वाला कोई गीत गा सके।'

बिहार और यूपी अलकायदा के लिए खास

उमर के इन कुछ खास बयानों से यह साबित होता है कि बिहार और यूपी सिमी का सबसे अहम गढ़ है। सिमी अब अल कायदा का हिस्‍सा है और यह भारत में अल कायदा की नई शाखा को स्‍थापित करने में मदद कर रहा है।

भारतीय एजेंसियों से बचने की कोशिश

उमर के साथ जुड़ा यह सच कि वह भारतीय मूल का है अब तक सबसे छिपाकर रखा गया एक बड़ा राज है। पिछले 10 वर्षो से वह पाक और अफगानिस्‍तान में
शरण लिए हुए हैं।

उमर के रिश्‍ते आईएसआई से भी हैं और उसने अभी तक मीडिया को अपना चेहरा नहीं दिखाया है। आईबी की मानें तो उसने जानबूझकर ऐसा किया है ताकि वह भारतीय एजेंसियों से बच सके।

उसके भारतीय मूल से जुड़े होने के बारे में उत्‍तर प्रदेश में कई लोगों से पूछताक्ष की गई लेकिन वह सभी इस बात की पुष्टि नहीं कर सके थे कि वह एक भारतीय है। उन्‍हें उसकी पहचान के लिए एक चेहरे की जरूरत थी।

हैदर अली और सफदर नागौरी से किए गए सवालों के बाद उमर की राष्‍ट्रीयता से जुड़े कई अहम बिंदुओं को स्‍थापित किया जा सका।

इन दोनों ने ही भारत में अल कायदा के तेजी से उभरने के बारे में तो जानकारी दी ही साथ ही इन्‍होंने बताया कि यह खतरनाक आतंकी संगठन कैसे भारत में जल्‍द से जल्‍द अपना संचालन शुरू करने को बेकरार है।

अल कायदा का खतरनाक प्‍लान

नागौरी और हैदर अली दोनों ने आईबी को बताया था कि वह एक ऐसे व्‍यक्ति के साथ संपर्क बनाए हुए थे जो भारतीय अंदाज में उर्दू बोलता है।

इस शख्‍स ने इन दोनों को बताया था कि किसी भी कीमत पर एक खलीफा होना ही चाहिए और इसमें भारत एक बड़ा रोल अदा करेगा। इन दोनों के मुताबिक भारत में अलकायदा के लिए काफी संभावनाएं हैं।

भारत में ऐसे कई युवा हैं जिन्‍हें अलकायदा की विचारधारा से परिचित कराया जाना चाहिए। इन्‍हें अल कायदा के साथ लड़ाई के लिए तैयार करना होगा।

अल कायदा ने उत्‍तर प्रदेश से कम से कम 30 युवाओं और कर्नाटक राज्‍य के भटकल से अपने संगठन में कुछ युवाओं को शामिल कर लिया है। दोनों राज्‍यों से संगठन में शामिल युवाओं का ताल्‍लुक सिमी से है।

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