Cylone Okhki: कई जिलों में स्कूल बंद, नेवी ने राहत बचाव के लिए कसी कमर
चेन्नई। दक्षिण भारत में ओखी चक्रवात के चलते लोगों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है, तेज हवाओं व भारी बारिश ने पारा गिरा दिया है। तमिलनाडु के कन्याकुमारी में बुधवार को हुई मूसलाधार बारिश ने जनजीवन अस्त व्यस्त कर दिया है, कई जगह पर पेड़, खंभे उखड़ गए, लोगों का घर से निकलना मुश्किल हो गया है। अभी तक ओखी तूफान के चलते कुल चार लोगों की मौत हो चुकी है। तमिलनाडु के सात जिले ओखी तूफान के चलते बुरी तरह से प्रभावित हुए हैं, वहीं केरल में भी भारी बारिश के चलते लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।

नेवी पूरी तरह से मुस्तैद
चेन्नई, कन्याकुमारी, तूतीकॉरिन, कांचीपुरम, विल्लुपुरम, मदुरई, थेनी, थंजावूर थिरूवरूर में स्कूल को बंद कर दिया गया है। साथ ही किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सेना ने अपनी कमर कस ली है। नेवी के 5 शिप कोची में तैनात कर दिए गए हैं, जबकि लक्षद्वीप में 2 शिप को स्टैंबाइ पर रखा गया है, 2 आईसीजी शिप को कोची और तूतीकॉरिन में भी तैनात किया गया है। इसके अलावा 2 पी9आई एयरक्राफ्ट, नेवी का डॉर्नियर, कोस्ट गार्ड डोर्नियर, व एयरबोर्नर को राहत व बचाव कार्य के लिए तैनात किया गया है। साथ ही हेलीकॉप्टर व गोताखोंरों को भी हालात से निपटने के लिए स्टैंबाइ पर रखा गया है।

250 मछुआरे लापता
मौसम विभाग की ओर से सैटेलाइट से जो तस्वीरें जारी की गई हैं, उसके अनुसार अब यह चक्रवात लक्षद्वीप की ओर बढ़ रहा है, जो समय के साथ और भी ज्यादा विकराल रूप धारण कर सकता है, जिसके चलते भारी नुकसान की संभावना है। खबरों के अनुसार इस चक्रवात की वजह से 250 मछुआरे तिरुवनंतपुरम तट से लापता हैं, उन्हें तलाश करने का अभियान चल रहा है।

भारी बारिश की संभावना
भू विज्ञान मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि चक्रवात के चलते तमिलनाडु और केरल के कई हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है। मंत्रालय के सचिव माधवन राजीवन ने बताया कि अरब सागर के दक्षिणी हिस्से में मूसलाधार बारिश हो सकती है।












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