फेलिन से बचने के लिये आंध्र के 1 लाख लोग सुरक्षित स्थानों पर

मुख्यमंत्री एन. किरन कुमार रेड्डी ने बताया कि एक लाख लोगों को राहत शिविरों में पहुंचाया जा चुका है। उन्होंने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से भी अधिकारियों के निर्देशों का पालन करने का अनुरोध किया है और उनसे अपना घर छोड़ देने के लिए कहा है। चक्रवाती तूफान के नजदीक पहुंच जाने के कारण तटवर्ती जिलों, श्रीकाकुलम और विजयनगरम में तेज हवा के साथ भारी बारिश शुरू हो गई है।
मुख्यमंत्री ने पत्रकारों से कहा, "हमें ईश्वर से राज्य को भारी क्षति से बचाने की प्रार्थना करनी होगी।" अधिकारियों ने बताया कि समुद्र की स्थिति भयंकर हो चुकी है और तटवर्ती गांवों में समुद्र का जल घुस चुका है। श्रीकाकुलम जिले के 20 गांव जलमग्न हो गए हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि सभी विभागों को राहत एवं बचाव कार्य के लिए चेतावनी जारी कर दी गई है। तटवर्ती जिलों में मंत्री एवं अधिकारी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
सरकार ने राज्य के सभी नौ तटीय जिलों में हाई-अलर्ट घोषित कर दिया है। थलसेना, नौसेना और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) आपदा से निपटने के लिए पूरी तरह मुस्तैद हैं। नावों को भी वायरलेस सेट के साथ तैयार रखा गया है।
राज्य के 23,000 नावों में से सिर्फ 22 नौकाएं समुद्र में हैं। सभी मछुआरे सुरक्षित बताए गए हैं। अधिकारियों ने बताया कि राहत कार्य के मद्देनजर भोजन के डिब्बों एवं पीने के पानी के बोतलों का भांडरण कर लिया गया है। राहत शिविरों पर दवाइयों के साथ चिकित्सा दलों को तैनात कर दिया गया है।
अधिकारियों ने कलिंगापट्टनम एवं भीमुनिपट्टनम बंदरगाहों पर 10वीं चेतावनी तथा विशाखापट्टनम पर आठवीं चेतावनी जारी कर दी है। मछुआरों को समुद्र में जाने से आगाह किया गया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने आंध्र के उत्तरी तटवर्ती इलाकों में भारी से अतिभारी बारिश की भविष्यवाणी की है।
इसके अलावा आईएमडी ने गंजम, खुर्दा, पुरी और जगतसिंहपुर जिलों के निचले इलाकों में पानी भर जाने की चेतावनी भी दी है। रेलवे ने आंध्र-ओडिशा सहित उत्तर तटीय आंध्र में सभी रेल सेवाएं रद्द कर दी हैं। विशाखापट्टनम एवं भुवनेश्वर के बीच हवाई सेवाएं भी स्थगित कर दी गई हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications