2,000 रुपए के नोट का छुट्टा कराना पड़ रहा है महंगा, जरूरत से ज्यादा सामान खरीद रहे लोग
हालात ये हैं कि 2,000 रुपए की नोट फिलहाल सेल्फी के लिए प्रयोग में लाई जा सकती है।
नई दिल्ली। 500 और 1,000 रुपए के विमुद्रीकत होने के बाद 2,000 रुपए के नोट लाए गए। हालांकि ये नोट सिर्फ सेल्फी लेने के लिए ही उपयुक्त साबित हो रही है। इससे ज्यादा इसकी कोई उपयोगिता फिलहाल नहीं दिख रही है।
कई ऐसे लोग हैं जिन्हें बैंक और एटीएम से अगर 2,000 रुपए का नोट मिल रहा है को वे परेशान हो रहे हैं और उसका छुट्टा पाने के लिए ज्यादा खर्च करते हैं।
बता दें कि 8 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र के नाम संदेश के दौरान घोषणा की थी कि 500 और 1,000 रुपए के विमुद्रीकृत कर दिए गए हैं।

खरीदना पड़ा 700 का चिकन
महाराष्ट्र स्थित पुणे के मिलिंद वर्मा ने बताया कि उन्हें 2,000 रुपए का छुट्टा कराने के लिए उन्हें 700 रुपए का चिकन खरीदना पड़ा।
मिलिंद ने बताया कि वो बहतु सारी दुकानों पर गए। खासतौर से सब्जी की दुकानों पर गए। लेकिन सभी ने 2,000 का छुट्टा देने से मना कर दिया। दुकान वालों का कहना था कि कम से कम 800 रुपए के सामान की खरीददारी करूं तब वो मुझे छुट्टा देंगे।
मैं नहीं समझ पा रहा था कि क्या करूं? ऐसे मैं मैंने 1 किलो चिकन खरीदा। लेकिन वो भी सिर्फ 110 रुपए का था। इस पर दुकान वाले ने मना कर दिया। फिर मैंने 700 रुपए का चिकन खरीदा।
बकौल मिलिंद घर में वो और उनकी पत्नी ही रहते हैं। ऐसे में उन्होंने कुछ चिकन पड़ोसी को दे दिया। मिलिंद ने कहा कि कोई भी एक हफ्ते के लिए चिकन नहीं खरीदता लेकिन मुझे ऐसा करना पड़ा।
क्यों खरीदूं जरूरत से ज्यादा का सामान
अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक परिवार के साथ पुणे में ही रहने वाली अरुणा ने कहा कि विमुद्रीकरण के बाद प्राइवेट बैंक हों या फिर सरकारी, सभी 2,000 की नोट देना चाहते हैं। इसी वजह से दिक्कत बढ़ रही है।
अरुणा ने कहा कि सब्जी और फल के दुकानदार कहते हैं कि 2,000 के नोट के छुट्टे के लिए बड़ी मात्रा में खरीददारी करनी पड़ेगी। आखिर मैं बड़ी खरीददारी क्यों करूं?
बकौल अरुणा दुकानदारों ने उनसे कहा कि मुझे 2,000 रुपए का छुट्टा कराने के लिए कम से कम 800 रुपए की सब्जी या फल खरीदना होगा। आखिरकार मुझे छुट्टा पाने के लिए एक रेस्तरां से 500 रुपए के खाने का आर्डर करना पड़ा।
आखिर वही समस्या हमारे लिए भी है
वहीं इस मसले पर सब्जी विक्रेता ने कहा कि कोई यह क्यों मान लेता है कि 200 या 300 रुपए की खरीददारी में हम छुट्टे उपलपब्ध करा देंगे।
अगर नकदी की दिक्कत और 100 रुपए के नोट की कमी लोगों के लिए है तो वही समस्या हमारे लिए भी है।
कहा कि यह कोई नियम नहीं है लेकिन कोई 600 रुपए की खरीददारी करेगा तो हमारे लिए भी छुट्टे देना आसान होगा। दूसरी ओर हम ये भी देख रहे हैं कि बाजार में 2,000 रुपए के नकली नोट भी आ गए हैं। ऐसे में हम कोई और दिक्कत मोल नहीं लेना चाहते।












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