India-China tension: आज दोनों देशों के बीच एक और अहम मीटिंग, लद्दाख के हिस्सों पर जमे हैं चीनी
नई दिल्ली। भारत और चीन के बीच आज एक अहम और नाजुक वार्ता होने वाली है। पांच मई को जारी टकराव को कुछ ही तीन माह बाद हो जाएंगे और अभी तक इसके खत्म होने के आसार नहीं नजर आ रहे हैं। दोनों देशों के बीच एक माह से मिलिट्री स्तर की वार्ता लगातार जारी है। 15 और 16 जून को गलवान घाटी में हुई हिंसा ने इस टकराव को और मुश्किल कर दिया है। इस टकराव में भारतीय सेना के 20 सैनिक शहीद हो गए थे।

रक्षा, विदेश और गृह मंत्रालय के अधिकारी होंगे शामिल
सूत्रों की ओर से बताया गया है कि शुक्रवार को वर्किंग मैकेनेज्मि फॉर कंसलटेशन एंड को-ऑर्डिनेशन (डब्लूएमसीसी) की अहम मीटिंग आज हो सकती है। इस मीटिंग में विदेश मंत्रालय के अधिकारियों के अलावा रक्षा और गृह मंत्रालय के अधिकारी भी शामिल होंगे। पूर्वी लद्दाख में चीन के साथ टकराव को 11 हफ्ते हो गए हैं। कमांडर स्तर की चार वार्ता के बाद भी चीन पीछे नहीं हट रहा है। चीन की तरफ से अब लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (एलएसी) पर डिसइंगेजमेंट को लेकर रजामंदी जताई गई थी। लेकिन शुरुआती दौर के बाद अब पीपुल्स लिब्रेशन आर्मी (पीएलए) की तरफ से डिसइंगेजमेंट को रोक दिया गया है। सूत्रों की मानें तो चीन की सेना टकराव वाले बिंदुओं से पीछे नहीं हट रही है। ऐसे में अब भारत फिर से लंबे टकराव के लिए तैयार हो रहा है।
40,000 भारतीय जवान एलएसी पर तैनात
भारतीय सेना अब तीन अतिरिक्त डिविजन को वापस तैनात करने के लिए तैयार है। एक डिविजन में 10 हजार से 25,000 तक जवान होते हैं। ऐसे में करीब 40,000 जवान इस समय एलएसी पर तैनात हैं। एलएसी के कुछ इलाकों पर अभी तक चीनी जवान मौजूद हैं। 14 जुलाई को भारत और चीन के बीच चौथी कमांडर स्तर की वार्ता हुई थी और चार में से सिर्फ दो ही प्वाइंट्स पर डिसइंगेजमेंट पूरा हो सका है। अभी यह तय नहीं है कि चीन के साथ अब कोई वार्ता होगी या नहीं। दोनों तरफ से सेनाएं गलवान घाटी के पेट्रोलिंग प्वाइंट (पीपी) 14 और पीपी 15 से पीछे हटी हैं। चीनी जवान एलएसी में अपनी तरफ वाले क्षेत्र में वापस लौट गए हैं। अभी तक दोनों तरफ से 50-50 जवान पीपी 17 पर एक-दूसरे से करीब एक किलोमीटर की दूरी पर बरकरार हैं।












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