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CRPF के वो कमांडेंट, जिन्हें पांचवीं बार मिला वीरता पुरस्कार, अशोक कुमार ने कब-कहां पेश की बहादुरी की मिसाल?

आज 15 अगस्त 2025 को देश में 79वें स्वतंत्रता दिवस का जश्न मनाया जा रहा है। उन वीरों के अदम्य साहस को सलाम किया जा रहा है, जिन्होंने आजादी के लिए जान तक की बाजी लगा दी। साथ ही वीरता का सम्मान भी हो रहा है। ऐसे ही बहादुर केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) जवान अशोक कुमार हैं, जिन्हें वीरता पुरस्कार के लिए स्वतंत्रता दिवस 2025 के मौके पर पांचवीं बार चुना गया है।

बता दें कि अशोक कुमार मूल रूप से राजस्थान के झुंझुनूं जिले के पचेरी कलां इलाके के गांव रसूलपुर के रहने वाले हैं। अशोक कुमार वर्तमान में सीआरपीएफ की कोबरा बटालियन 210 में छत्तीसगढ़ में कमांडेंट पद पर सेवाएं दे रहे हैं। अशोक कुमार को साल 2025 का वीरता पुरस्कार अक्टूबर 2022 में छत्तीसगढ़ के तर्रेम पुलिस थाने के सब इंस्पेक्टर राकेश सूर्यवंशी की जान बचाने के लिए दिया जा रहा है।

CRPF

यह कोई पहला मौका नहीं जब अशोक कुमार ने अदम्य साहस दिखाया। इससे पहले साल 2007 से साल 2017 के बीच अशोक कुमार ने जम्मू-कश्मीर के सोपोर से लेकर छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा तक में चार बार नक्सलियों का डटकर मुकाबला किया है।

साल 2007: सोपोर, जम्मू-कश्मीर

जम्मू-कश्मीर के सोपोर में साल 2007 में आतंकियों ने एक होटल में घुसकर करीब 150 लोगों को बंधक बना लिया। सीआरपीएफ ने मोर्चा संभाला। 72 घंटे तक विशेष ऑपरेशन चलाया। दो जवान शहीद हो गए। साथी को गोली लगने के बाद भी अशोक कुमार पीछे नहीं हटे और दो पाकिस्तानी आतंकवादियों को मौत के घाट उतारकर 150 लोगों की जान बचाई। इस बहादुरी के लिए साल 2009 में अशोक कुमार को वीरता पुरस्कार मिला।

साल 2016: तर्रेम, छत्तीसगढ़

साल 2015 में अशोक कुमार का तबादला छत्तीसगढ़ में सीआरपीएफ की 204 कोबरा बटालियन में हुआ। अगले साल 2016 में सीआरपीएफ ने तर्रेम के जंगलों से नक्सलियों का सफाया करने के लिए अभियान चलाया। टीम को अशोक कुमार लीड कर रहे थे। टीम ने नक्सलियों के चार टॉप कमांडरों को ढेर किया। इस बहादुरी के लिए अशोक कुमार ने तत्कालीन होम मिनिस्टर राजनाथ सिंह के हाथों साल 2017 में वीरता पुरस्कार मिला।

साल 2017: भट्टीगुड़ा, छत्तीसगढ़

अशोक कुमार को तीसरा वीरता पुरस्कार साल 2018 में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के हाथों मिला। साल 2017 के जनवरी में सीआरपीएफ ने छत्तीसगढ़ के भट्टीगुड़ा में नक्सलियों के खिलाफ अभियान चलाया था। एनकाउंटर में एक नक्सली मारा गया और लाइट मशीनगन जैसे हथियार बरामद किए गए।

साल 2017: दंतेवाड़ा-बीजापुर, छत्तीसगढ़

नक्सलियों के अघोषित पश्चिमी डिवीजन मुख्यालय पीडिया इलाके में जून 2017 में सीआरपीएफ ने सर्च ऑपरेशन चलाया था। दंतेवाड़ा-बीजापुर सीमा पर स्थित इस इलाके में सर्च ऑपरेशन के दौरान बम ब्लास्ट में सीआरपीएफ के तीन जवान घायल हो गए थे। इसके बावजूद अशोक कुमार ने ऑपरेशन में सफलता हासिल की। तीन नक्सलियों को मारकर बड़ा हथियार जखीरा बरामद किया। इस बहादुरी के लिए साल 2020 में चौथी बार वीरता पुरस्कार मिला।

साल 2022: तर्रेम, छत्तीसगढ़

अक्टूबर 2022 में नक्सलियों ने हमला बोल दिया था, जिसमें तर्रेम पुलिस थाने के सब इंस्पेक्टर राकेश सूर्यवंशी की जान पर बन आई थी। उनको तीन गोलियां लग चुकी थी। तब सीआरपीएफ कमांडेंट अशोक कुमार ने खुद की जान की परवाह किए बिना सूर्यवंशी को बचाया। उस हमले में बहादुरी व सूझबूझ दिखाने की वजह से साल 2025 में अब अशोक कुमार को पांचवीं बार वीरता पुरस्कार दिया जाएगा।

स्वतंत्रता दिवस 2025 पर CRPF को शौर्य चक्र और वीरता पदक

शौर्य चक्र प्राप्तकर्ता

  • कांस्टेबल (जीडी) सद्दाम हुसैन - 03 सीआरपीएफ
  • कांस्टेबल (जीडी) संजय तिवारी - 132 सीआरपीएफ/192 सीआरपीएफ
  • कांस्टेबल (जीडी) फिदा हुसैन डार - 117 सीआरपीएफ
CRPF

वीरता पदक (Gallantry Medal) प्राप्तकर्ता

  • द्वितीय प्रभारी (2 I/C) संतोष कुमार पाल-158 सीआरपीएफ/46 सीआरपीएफ
  • कांस्टेबल (जीडी) अभिन कुमार माझी- 158 सीआरपीएफ/91 आरएएफ
  • कांस्टेबल (जीडी) लेखराज चेत्री -158 सीआरपीएफ/229 सीआरपीएफ
  • कांस्टेबल (जीडी) विवेक कुमार-158 सीआरपीएफ/ 22 सीआरपीएफ
  • कमांडेंट अशोक कुमार-210 कोबरा/डीजी कार्यालय
  • हेड कांस्टेबल (आरओ) शिबिन कृष्णन के-210 कोबरा/3सिग्नल/सीडब्ल्यूएस-3
  • कांस्टेबल (जीडी) रमेश कुमार पुनेम -210 कोबरा/241सीआरपीएफ
  • हेड कांस्टेबल (ड्राइवर) बृजेन्दर सिंह -210 कोबरा/जीसी एसएनआर
  • कमांडेंट कुमार नवीन - 178 सीआरपीएफ/139 सीआरपीएफ
  • असिस्टेंट कमांडेंट तेजाराम चौधरी (3rd BAR)-178 सीआरपीएफ/72 सीआरपीएफ
  • कांस्टेबल (जीडी) रफीक अहमद लोन -178 सीआरपीएफ
  • कांस्टेबल (जीडी) गणेश चंद जाट (1st BAR)-178 सीआरपीएफ/153 सीआरपीएफ
  • कांस्टेबल (जीडी) जीत टांटी (1st BAR)-178 सीआरपीएफ/87 सीआरपीएफ
  • द्वितीय प्रभारी (2 I/C) सतीश कुमार मलिक-130 सीआरपीएफ/स्थानांतरण आदेश 231 सीआरपीएफ
  • द्वितीय प्रभारी (2 I/C) अरुण कुमार-130 सीआरपीएफ/111 सीआरपीएफ
  • इंस्पेक्टर (जीडी) बाबूलाल-130 सीआरपीएफ
  • कांस्टेबल (जीडी) भगवान सहाय गुर्जर-130 सीआरपीएफ/ 83 आरएएफ
  • असिस्टेंट कमांडेंट तेजाराम चौधरी (4th BAR)-178 सीआरपीएफ/72 सीआरपीएफ
  • कांस्टेबल (जीडी) गणेश चंद जाट (2nd BAR)-178 सीआरपीएफ/153 सीआरपीएफ
  • कांस्टेबल (जीडी) शैजू टीडी-178 सीआरपीएफ/77 सीआरपीएफ
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