दक्षिण के राज्यों में भर्ती परीक्षा की भाषा पर विवाद, CRPF ने जारी किया स्पष्टीकरण, कही ये बात
दक्षिणी राज्यों में आंतरिक भर्तियों के लिए परीक्षा की भाषा को लेकर केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल ने स्पष्टीकरण दिया है। सीआरपीए ने कहा कि इन-हाउस भर्ती में कभी भी क्षेत्रीय भाषाओं परीक्षा नहीं ली गई।

Language Controversy: केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की भर्ती परीक्षा केवल हिंदी और अंग्रेजी भाषा में कराने की अनुमति के बाद एक बार फिर से दक्षिणी राज्यों में भाषा का लेकर विवाद सामने आया। जिसको लेकर सीआरपीएफ ने स्पष्टीकरण जारी किया। जिसमें कहा गया कि "क्षेत्रीय भाषाओं में आंतरिक भर्ती के लिए कभी भी लिखित परीक्षा आयोजित नहीं की गई।
बुधवार की सीआरपीएफ ने अपने बयान में कहा, "भाषा की समस्या को लेकर विभाग को उम्मीदवारों के परीक्षा में शामिल होने के संबंध में कभी भी किसी समस्या का सामना नहीं करना पड़ा। कंप्यूटर आधारित परीक्षा दोनों पदों के लिए केवल हिंदी और अंग्रेजी में द्विभाषी में आयोजित की जाती है। सीआरपीएफ ने क्षेत्रीय भाषाओं में इन-हाउस भर्ती के लिए कभी भी लिखित परीक्षा आयोजित नहीं की थी।"
सीटी/जीडी की पिछली भर्तियों के बारे में बात करते हुए, सीआरपीएफ ने कहा, "सीबीटी केवल अंग्रेजी और हिंदी भाषा में आयोजित किया गया था और तमिलनाडु, तेलंगाना, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश जैसे दक्षिणी राज्यों के उम्मीदवारों की भागीदारी सामान्य पाई गई थी।" सीआरपीएफ ने इन भर्तियों का ब्यौरा देते हुए कहा, सीटी/जीडी 2018 की भर्ती के दौरान, तमिलनाडु से 819 रिक्तियां, आंध्र प्रदेश से 3460, तेलंगाना से 2,349 और कर्नाटक में 1,586 रिक्तियों को भरा गया था।
सीआरपीएफ ने कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) में नियमित पैटर्न पर सीटी/जीडी और इन-हाउस भर्ती के माध्यम से कॉन्स्टेबल (टेक एंड ट्रेड्समैन) के 9,212 पदों के लिए विज्ञापन जारी किया है। ये परीक्षा एसएससी के माध्यम से कराई जा रही है। ये कंप्यूटर आधारित परीक्षा दोनों पदों के लिए केवल हिंदी और अंग्रेजी में द्विभाषी आयोजित की जाती है। परीक्षा की भाषा को लेकर तमिलनाडु और तेलंगाना के नेताओं ने सवाल उठाए।
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