बुलंदशहर हिंसा पर बोले प्रख्यात अभिनेता नसीरुद्दीन, 'आज गाय की जान इंसान से ज्यादा कीमती'
मुंबई। हिंदी सिनेमा के प्रख्यात अभिनेता नसीरुद्दीन शाह ने बुलंदशहर हिंसा पर एक विवादित बयान दिया है, उन्होंने कहा कि आज देश की स्थिति काफी खराब हो गई है, इस वक्त पूरे समाज में जहर फैल चुका है। आज गाय की जान इंसान से ज्यादा कीमती है। उन्होंने कहा कि आज कानून हाथ में लेने की खुली छूट है। कोई कहीं भी, कभी भी, किसी को भी, मार देता है और कोई कुछ नहीं करता है। उन्होंने कहा कि मुझे डर नहीं लगता लेकिन देश के हालात पर मुझे गुस्सा आता है, अपने बच्चों के लिए फिक्र होती है।

'गाय की मौत की अहमियत पुलिस ऑफिसर की जान से ज्यादा'
एक वेबसाइट से बातचीत करते हुए नसीरुद्दीन शाह ने कहा कि हमने बुलंदशहर हिंसा में देखा कि आज देश में एक गाय की मौत की अहमियत पुलिस ऑफिसर की जान से ज़्यादा होती है, मुझे इस बात से डर लगता है कि अगर कही मेरे बच्चों को भीड़ ने घेर लिया और उनसे पूछा जाए कि तुम हिंदू हो या मुसलमान? मेरे बच्चों के पास इसका कोई जवाब नहीं होगा और उसके बाद भीड़ कुछ भी कर सकती है और हम में से कोई कुछ नहीं कर पाएगा।

अपने बच्चों को लेकर डरा हुआ हूं: शाह
उन्होंने कहा कि मजहबी तालीम मुझे मिली थी और रत्ना(उनकी पत्नी) को थोड़ी बहुत मिली है। हमने अपने बच्चों को मजहबी तालीम नहीं दी है क्योंकि मेरा ये मानना है कि अच्छाई और बुराई का मजहब से कोई लेना-देना नहीं है।

आपके अंदर इंसानियत होनी चाहिए: शाह
आपके अंदर इंसानियत होनी चाहिए, मानवता ही आपका धर्म होना चाहिए लेकिन यहां तो उल्टी ही गंगा बह रही है, एक गाय के चक्कर में एक इंस्पेक्टर को मार दिया जाता है और कोई कुछ नहीं कर पाता है, ये शर्मनाक है।

इंस्पेक्टर सुबोध सिंह सहित दो लोगों की हत्या
आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में 3 दिसंबर को हुई हिंसा में इंस्पेक्टर सुबोध सिंह सहित दो लोगों की मौत हो गई थी। पुलिस इस मामले में अब तक 20 आरोपियों को जेल भेज चुकी है। बुलंदशहर हिंसा के बाद पुलिस गोकशी की जांच कर रही थी। वरिष्ठ अधिकारियों ने पहले ही कहा था कि बुलंदशहर की घटना एक सुनियोजित साजिश थी। दंगा भड़काने के लिए गोमांस लाकर वहां फेंका गया था। पुलिस इस बात की जांच कर रही थी कि गांव में गोमांस कहां से आया और उसे कौन लाया था?












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