नियमों में ढिलाई बरती तो दूसरी लहर से भी बड़ी हो सकती है कोरोना की तीसरी लहर- रणदीप गुलेरिया
नई दिल्ली, जुलाई 16। देश में कोरोना की तीसरी लहर को लेकर सरकार लगातार लोगों का आगह कर रही है। प्रधानमंत्री ने कुछ दिन पहले भी और शुक्रवार को भी ये कहा है कि तीसरी लहर के खतरे को देखते हुए कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते रहिए। इस बीच AIIMS के डायरेक्टर रणदीप गुलेरिया ने भी तीसरी लहर को लेकर चेतावनी जारी की है। उन्होंने कहा है कि कोरोना की अगली लहर दूसरी लहर से भी अधिक घातक हो सकती है।
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तीसरी लहर के घातक होने के ये हो सकते हैं कारण
गुरुवार को एक कार्यक्रम में रणदीप गुलेरिया ने कहा कि अगर देश में सभी प्रतिबंध हटा दिए गए तो कोरोना की तीसरी लहर दूसरी लहर के मुकाबले बहुत घातक साबित होगी। इसके अलावा उन्होंने तीसरी लहर के आने के कारण भी बताए। गुलेरिया के मुताबिक, इम्युनिटी का कम होना और लॉकडाउन के प्रतिबंधों में छूट देना ही कोरोना की संभावित तीसरी लहर का कारण बन सकता है।

तीसरी लहर के खतरे से बचने के लिए करें ये सब
इस दौरान गुलेरिया ने कहा कि कोविड प्रोटोकॉल का पालन करके ही तीसरी लहर के खतरे को कम किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि सोशल डिस्टेंसिंग, मास्क का उपयोग और वैक्सीन लेने से ही तीसरी लहर का खतरा कम हो सकता है। आपको बता दें कि गुरुवार को WHO ने भी ये कहा था कि दुनिया में तीसरी लहर की शुरुआत हो चुकी है।

विदेशों में आ चुकी है कोरोना की तीसर लहर- गुलेरिया
रणदीप गुलेरिया ने कहा है कि अगर प्रतिबंधों में थोड़ी ढील देकर थोड़ी सख्ती रखी जाती है तो वायरस स्थिर रह सकता है, लेकिन अगर पाबंदियां पूरी तरह से हटा दी गईं तो संक्रमण बहुत तेजी से फैलेगा और संक्रमण के मामले भी बहुत तेजी से सामने आएंगे। गुलेरिया ने बताया कि विदेशों में तीसरी लहर का असर दिखना शुरू हो गया है, लेकिन वहां अस्पतालों में भर्ती मरीजों की संख्या में कमी है और ये सिर्फ वैक्सीन लगवाने से हुआ है।












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