• search
क्विक अलर्ट के लिए
अभी सब्सक्राइव करें  
क्विक अलर्ट के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  
For Daily Alerts

Covid-19: इन दो वैक्सीन के ट्रायल की मिली इजाजत, वैज्ञानिक बोले- ये कोरोना के अंत की शुरुआत

|

नई दिल्ली। कोरोना वायरस के इलाज के लिए वैज्ञानिक लगातार इसकी दवा बनाने को लेकर शोध कर रहे हैं। इस बीच वैज्ञानिकों ने कोरोना के खात्मे के शुरुआत का दावा किया है। कोविड-19 के वैक्सीन की रेस में COVAXIN और ZyCov-D को काफी अहम माना जा रहा है। ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया ने इस टीके के मानव परीक्षण की अनुमति दे दी है। जिसके बाद वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि इन दोनों ही टीकों के टेस्ट के साथ ही कोरोना के अंत की शुरुआत होने जा रही है। विज्ञान एवं तकनीक मंत्रालय के वैज्ञानिक द्वारा छपे एक लेख में इस बात का दावा किया गया है।

Coronavirus: जानिए कैसे काम करती है ऑक्सफोर्ड की वैक्सीन और क्या हैं उसके साइड इफेक्ट्स?

कोरोना के अंत की शुरुआत

कोरोना के अंत की शुरुआत

लेख में कहा गया है कि अब सीडीएससीओ ने इस वैक्सीन के मानव परीक्षण की अनुमति दे दी है, लिहाजा यह कोरोना के अंत की शुरुआत है। बता दें कि पिछले वर्षों में भारत वैक्सीन बनाने के क्षेत्र में अग्रणी देश के रूप में सामने आया है। भारत के निर्मातकों ने यूनिसेफ की कुल वैक्सीन की जरूरत का 60 फीसदी आपूर्ति की है, जोकि अपने आप में एक बड़ा कीर्तिमान है। आर्टिकल में कहा गया है कि संभव है कि इस वैक्सीन को दुनिया में कहीं भी तैयार किया जा सकता है, लेकिन बिना भारतीय निर्माताओं के इस वैक्सीन को जरूरत और मांग के अनुसार तैयार नहीं किया जा सकता है।

कैडिला को भी मिली इजाजत

कैडिला को भी मिली इजाजत

बता दें कि जायडस कैडिला नाम की दवा बनाने वाली कंपनी को मेक्सिको की सरकार के कोफेप्रिस ने Desidustat के टेस्ट की अनुमति दे दी है। यह दवा कोरोना के इलाज के लिए कंपनी की सबसे अहम दवा है, जिसका कंपनी की ओर से दावा किया गया है। मेक्सिको के मोंटेरी में कोविड-19 के इलाज के लिए Desidustat को अवांत सैंटे रिसर्च सेंटर में क्लीनिकली विकसित किया गया है।अब कंपनी की ओर से फेजृ2हबी, मल्टिसेंटर, ओपेन लेबल, रैंडमाइज्ड, कंप्रेटर कंट्रोल शोध किया जाएगा, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि यह दवा कितनी कारगर है। इस दवा को कोरोना से संक्रमित मरीजों पर टेस्ट किया जाएगा। इस अध्ययन के तहत Desidustat की 100एमजी की टैबलेट मरीज को दी जाएगी और फिर मरीज पर 14 दिन तक नजर रखी जाएगी।

भारत में लगातार बढ़ रहे मामले

भारत में लगातार बढ़ रहे मामले

गौरतलब है कि भारत में कोरोना वायरस संक्रमण के मामले लगातार बढ़ रहे हैं और इसमे कमी होने का नाम नहीं ले रही है। अब कुल मामलों की संख्या 7 लाख के करीब हो गई है। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के अनुसार, भारत में पिछले 24 घंटों में कोरोना वायरस के 24,248 नए मामले सामने आए हैं और 425 लोगों की मौत हुई हैं। देश में अब कोविड-19 के पॉजिटिव मामलों की कुल संख्या 6,97,413 हो गई है, जिसमें 2,53,287 सक्रिय मामले, 4,24,433 ठीक/डिस्चार्ज/विस्थापित मामले और 19,693 मौतें शामिल हैं। भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) के अनुसार, 5 जुलाई तक कुल 99,69,662 सैंपल का टेस्ट किया गया है, जिनमें से 1,80,596 सैंपल का टेस्ट रविवार को किया गया है। वहीं सरकार के अनुसार, कोरोना वायरस से ठीक हो चुके मरीजों की संख्या बढ़कर 4,09,082 हो गई है, जिससे देश में कोविड-19 का रिकवरी रेट 60.77% हो गया है।

इसे भी पढ़ें- लॉकडाउन में कंपनी के पैसे खर्च करने पर मालिक ने मैनेजर को बेरहमी से पीटा, प्राइवेट पार्ट में डाला सैनिटाइजर

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
English summary
COVAXIN and ZyCov-D gets nod for human trial scientists says it beginning of the end of Covid-19.
For Daily Alerts
तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
Enable
x
Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
X
We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more