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अहम फैसले में गैंगरेप पीड़िता को कोर्ट ने गर्भपात कराने की दी इजाजत

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नई दिल्ली। गैंगरेप पीड़िता के मामले में हाई कोर्ट ने अहम फैसला देते हुए उसे गर्भपात की इजाजत दे दी है। 19 वर्षीय युवती का बदमाशों ने अपहरण के बाद गैंगरेप किया था, जिसके बाद वह गर्भवती हो गई थी। पीड़िता ने कोर्ट से अपील की थी कि उसे गर्भपात कराने की इजाजत दी जाए, जिसे कोर्ट ने स्वीकार लिया है और पीड़िता को गर्भपात की इजाजत दे दी है। पीड़िता को करीब 9 हफ्ते का गर्भ है। उच्च न्यायालय की इंदौर पीठ के जज जस्टिस वीरेंद्र सिंह ने युवकी की याचिका को स्वीकार करते हुए उसपर सोमवार को सुनवाई की। पीड़िता ने कोर्ट में याचिका दायर करके कानूनी रूप से गर्भपात की इजाजत मांगी थी।

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इस मामले में कोर्ट ने मेडिकल बोर्ड के गठन का आदेश दिया था। इस मेडिकल रिपोर्ट में कहा गया है कि महिला का सुरक्षित गर्भपात कराया जा सकता है। बता दें कि देवास जिले में कुछ समय पहले युवती को कुछ बदमाशों ने अपहरण करके उसके साथ सामूहिक बलात्कार किया था। जिसके बाद इस मामले की सुनवाई देवास की एक कोर्ट में चल रही है। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि पीड़िता का गर्भपात के साथ भ्रूण का डीएनए सैंपल लिया जाए और उसे सुरक्षित रखा जाए। पीड़िता के वकील धर्मेंद्र चेलावत ने कहा कि कोर्ट ने कहा कि सामूहिक बलात्कार की वजह से पीड़िता मानसिक सदमे में है और अपने भविष्य के लिए वह गर्भ से मुक्ति चाहती है।

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English summary
Court permits gang rape victim for abortion in Madhya Pradesh.
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