फर्जी मुठभेड़ मामला: अमित शाह को पेशी से छूट

विशेष न्यायाधीश बी एच लोया ने शाह और अन्य आरोपियों के छूट संबंधी आवेदनों पर गौर करने के बाद मामले की सुनवाई 17 जुलाई तक के लिए स्थगित कर दी। इस बीच यह अदालत 14 जुलाई को शाह के बरी करने संबंधी आवेदन पर सुनवाई कर सकती है। पिछली बार 20 जून को न्यायाधीश लोया के पूर्ववर्ती जे टी उत्पत ने बिना कोई कारण बताए शाह को पेशी से छूट देने की मांग पर उनके वकील को फटकार लगाई थी।
न्यायाधीश उत्पत ने कहा था, ‘‘हर बार आप बिना कोई कारण बताए यह छूट का आवेदन दे रहे हैं''। न्यायाधीश उत्पत का 25 जून को तबादला हो गया था। अदालत ने नौ मई को इस मामले में शाह और अन्य आरोपियों को सम्मन जारी किया था. इस साल प्रारंभ में यह मामला गुजरात से मुंबई स्थानांतरित कर दिया गया था। सीबीआई ने पिछले साल सितंबर में शाह और अन्य 18 लोगों के खिलाफ आरोपपत्र दायर किया था जिनमें कई पुलिस अधिकारी भी शामिल हैं।
सीबीआई के अनुसार गैंगस्टर सोहराबुद्दीन और उसकी बीवी कौसर बी जब नवंबर, 2005 में हैदराबाद से महाराष्ट्र के सांगली जा रहे थे तब गुजरात के आतंकवाद निरोधक दस्ते ने उन्हें अगवा कर लिया था और गांधीनगर के समीप एक कथित फर्जी मुठभेड़ में उन्हें मार गिराया था। दावा किया गया था कि सोहराबुद्दीन का संबंध लश्कर ए तैयबा से है।












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