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डीएनए टेस्ट से साबित हुई बेगुनाही, कोर्ट का रेप के झूठे आरोप झेलने वाले शख्स को 15 लाख मुआवजा देने का आदेश

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नई दिल्ली। चेन्नई की एक अदालत ने रेप के झूठे आरोपों का सामना करने वाले शख्स को 15 लाख मुआवजा देने का आदेश दिया है। ये शख्स रेप के आरोपों से बरी हो चुका है। आरोपों से बरी होने के बाद शख्स ने अदालत से मुआवजे की मांग की थी। अदालत ने मामले की सुनवाई करते हुए माना कि उसके ऊपर गलत आरोप लगाए गए, जिससे उसे सात साल तक मुकदमें का सामना करना पड़ा और मानसिक रूप से प्रताड़ित हुआ। अदालत ने आरोप लगाने वाली महिला और उसके परिवार को शख्स को 15 लाख देने का आदेश सुनाया है।

11 साल पहले शुरू हुआ केस

11 साल पहले शुरू हुआ केस

टीओआई की रिपोर्ट के मुताबिक, ये मामला करीब 11 साल पहले तब शुरू हुआ जब संतोष की शादी परिवार ने एक लड़की से तय कर दी। उस समय संतोष एक प्राइवेट कॉलेज में इंजीनियरिंग कर रहे थे। कुछ दिन रिश्ता रहा लेकिन फिर दोनों परिवारों में किसी बात को लेकर अनबन हुई और रिश्ता टूट गया। संतोष के वकील ने बताया है कि रिश्ता टूटने के बाद लड़की ने आरोप लगाया कि उसके साथ संतोष के शारीरिक संबंध हो गए हैं और वो गर्भवती है, ऐसे में तुरंत शादी की जाए। संतोष ने शादी से इनकार कर दिया तो लड़की ने उस पर रेप के आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज करा दी।

संतोष रेप के आरोप में गिरफ्तार हुए, सात साल बाद हुए बरी

संतोष रेप के आरोप में गिरफ्तार हुए, सात साल बाद हुए बरी

लड़की की शिकायत पर केस दर्ज कर पुलिस ने संतोष को गिरफ्तार कर लिया और जेल भेज दिया। तीन महीने से ज्यादा जेल में रहने के बाद फरवरी, 2010 में संतोष को जमानत मिल गई, हालांकि केस चलता रहा। आरोप लगाने वाली लड़की ने इस दौरान एक बच्ची को जन्म दिया। संतोष ने अदालत से कहा कि बच्ची का डीएनए टेस्ट कराया जाए ताकि ये साबित हो कि वो बच्ची का बाप है कि नहीं। अदालत के आदेश पर बच्ची का डीएनए टेस्ट हुआ तो साबित हुआ कि संतोष उस बच्चे का बाप नहीं है। डीएनए टेस्ट और दूसरे सबूतों के आधार पर महिला अदालत ने 2016 में करीब सात साल तक चले मुकदमें में संतोष को बेगुनाह पाया और उसे बाइज्जत बरी कर दिया।

बरी होने के बाद मांगा मुआवजा

बरी होने के बाद मांगा मुआवजा

2016 में रेप के आरोपों से बरी होने के बाद संतोष ने अदालत में अर्जी देकर मुआवजे की मांग की। संतोष ने अपनी अर्जी में कहा कि जब उस पर मुकदमा हुआ, वो एक छात्र था। सात साल में इस मुकदमे की वजह से उसका करियर चौपट हो गया। ये साबित हो गया है कि ये उस पर लगे आरोप पूरी तरह से झूठे और गलत नीयत से लगाए गए थे तो उसे इसके लिए मुआवजा दिया जाए। संतोष ने 30 लाख रुपए हर्जाने के तौर पर दिलाने की मांग अदालत से की। ये मामला भी चार साल तक चलता रहा और अब अदालत ने संतोष को 15 लाख रुपए दिए जाने का आदेश दिया। महिला और उसके परिवार को ये पैसा देने के लिए कहा गया है।

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English summary
Tamil Nadu court awarded Rs 15 lakh compensation to man who was falsely accused of rape by a woman in Chennai
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