माल्या को जल्द भारत लाएगी मोदी सरकार, चुनाव से पहले देगी राजनीतिक संदेश

नई दिल्ली: 2019 के लोकसभा चुनावों में भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस एक बार फिर भाजपा का चुनावी मुद्दा होगा। केंद्र सरकार न केवल विजय माल्या बल्कि निरव मोदी और मेहुल चोकसी को भारत वापस लाने की दिशा में लगातार काम कर रही है। अगर ऐसा होता है तो शराब कारोबारी विजय माल्या को जल्द से जल्द भारत वापस लाया जा सकेगा जोकि निश्चित रूप से 2019 के लोकसभा चुनावों से पहले एक राजनीतिक संदेश देने का काम करेगी।

 माल्या को जल्द ही भारत वापस लाया जा सकता है

माल्या को जल्द ही भारत वापस लाया जा सकता है

उच्च सूत्रों ने वन इंडिया को बताया कि इस दिशा में फैसला तभी हो गया था जब 18 अप्रैल,2018 को पीएम मोदी ने यूके की पीएम टेरेसा से मुलाकात की थी। इस मामले में सभी कानूनी औपचारिकताएं अंतिम दौर में हैं। सूत्रों ने बताया कि माल्या को सितंबर और दिसंबर के बीच कभी भी वापस लाया जा सकता है। सरकार माल्या से पैसे वापस निकलवाने की कोशिश में लगी है। माल्या भी इसको लेकर कोर्ट गया। माल्या ने बयान भी दिया था कि यूबीएचएल और उसने 22 जून को कर्नाटक उच्च न्यायालय के समक्ष एक याचिका दायर की थी जिसमें करीब 13,900 करोड़ की संपत्ति मौजूद है।" माल्या को गिरफ्तारी का डर सता रहा था और इसी वजह से उसने पैसे लौटाने की बात की। अब इस मामले में कोर्ट के फैसले का इंतजार किया जा रहा है।

निरव मोदी और मेहुल चोकसी पर भी नजरें

निरव मोदी और मेहुल चोकसी पर भी नजरें

सूत्रों ने बताया कि भगोड़े हीरा व्यापारियों निरव मोदी और मेहुल चोकसी पर भी दबाव बनाया जा रहा है कि वो आत्मसमर्पण कर दें। सीबीआई ने इस मामले में इंटरपोल से निरव मोदी के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने का भी अनुरोध किया है। सीबीआई ने इंटरपोल को जवाब भी दिया है जिसमें भारतीय एजेंसियों द्वारा दायर चार्जशीट की तारीखों को लेकर सवाल उठाए गए थे। सभी प्रकार के स्पष्टीकरण इंटरपोल को दिए गए हैं ताकि जल्द ही भगोड़े निरव मोदी के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी हो सके।

2019 चुनावों में भ्रष्टाचार के मुद्दे को जोर-शोर से उठाएगी

2019 चुनावों में भ्रष्टाचार के मुद्दे को जोर-शोर से उठाएगी

सूत्रों ने कहा कि नए कानून के अनुसार, निरव मोदी को भगोड़ा घोषित करने के बाद सरकार इंटरपोल को भी सूचित कर देगी। एक बार विशेष अदालत में अर्जी के बाद हीरा व्यापारी के पास 90 दिनों का वक्त रहेगा। इसके बाद एक नोटिस देकर निरव मोदी को जांच में सहयोग देने को कहा जाएगा, अन्यथा उसकी संपत्ति जब्त कर दी जाएगी। सरकार इस मामले में निरव को कोई भी राहत देने के मूड में नहीं है।

सूत्रों के अनुसार, भाजपा 2019 आम चुनावों में भ्रष्टाचार के मुद्दे को जोर-शोर से उठाएगी। जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए कांग्रेस पर निशाना साधने की पुरी कोशिश होगी। भाजपा रॉबर्ट वाड्रा के भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों को लेकर कांग्रेस को घेरने की कोशिश करेगी। वाड्रा और उनकी कंपनी स्काइलाइट हॉस्पिटैलिटी को आयकर विभाग ने नोटिस दिया है, आयकर विभाग ने 2010-11 में 25 करोड़ रुपये के बकाया भुगतान के मामले में ये नोटिस दिया है।

2जी स्कैम और कोल स्कैम केस पर सरकार की निगाहें

2जी स्कैम और कोल स्कैम केस पर सरकार की निगाहें

सूत्रों ने ये भी बताया कि पार्टी का अगला मुद्दा 2जी स्कैम में शामिल लोगों को लेकर होगा। 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले में आरोपियों को विशेष अदालत ने बरी कर दिया है। जबकि सरकार इसके खिलाफ अपील करने की तैयारी कर रही है और इस केस में रोजाना सुनवाई के लिए सरकार दबाव भी बनाएगी। यदि कोर्ट रोजाना सुनवाई के लिए तैयार हो जाता है तो इस मामले में फैसला 90 दिनों में आ सकता है। कोल स्कैम में सरकारी एजेंसियां इसमें शामिल लोगों पर नजर रखे हुए हैं और सरकार हर प्रकार से भ्रष्टाचार के मामलों को लेकर गंभीर है। सूत्रों ने बताया कि सरकार लोगों को यह भी बताएगी कि कैसे भ्रष्टाचार के मामलों की जांच, विकास के उद्देश्य के लिए पैसे लाने का काम कर सकती है।

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