Corona: शराब की होम डिलीवरी का आदेश चाहता था, हाईकोर्ट ने लगाया 50000 का जुर्माना
नई दिल्ली। कोरोना वायरस की दहशत से लोग भयभीत हैं और खुद को घरों में कैद रखने के लिए मजबूर हो गए हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक भारत में कोरोना वायरस से संक्रमित मामलों की संख्या शुक्रवार को बढ़कर 223 हो गई है। यह महामारी चार लोगों की जान भी ले चुका है। इसी बीच केरल से एक हैरान करने वाली खबर सामने आ रही है जहां एक शख्स ने हाईकोर्ट से शराब की होम डिलीवरी का आदेश मांगा लेकिन उसे ही 50,000 रुपए का जुर्माना भरना पड़ गया।

कोरोना वायरस के लगातार बढ़ते मामलों से सरकार परेशान
एक तरफ जहां देश में कोरोना वायरस के लगातार बढ़ते मामलों ने सरकार और लोगों की नींद उड़ा रखी है वहीं, केरल से इस खबर ने सबका ध्यान अपनी ओर खींचा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ज्योतिष नाम के शख्स ने केरल हाई कोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि शराब की दुकानों पर लोगों की भारी भीड़ होती है, अगर में कोरोना वायरस के बीच शराब लेने जाता हूं तो संक्रमित होने का खतरा है। ऐसा ही खतरा दूसरे लोगों को भी हो सकता है।

हाईकोर्ट से की अजीबोगरीब मांग
ज्योतिष ने अपनी याचिका में कोर्ट से अपील की है कि कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए हाई कोर्ट राज्य के आबकारी विभाग को यह आदेश दे कि वह शराब की ऑनलाइन बिक्री पर विचार करे। इस तरह लोगों के घर पर शराब के सीधे डिलीवरी हो जाएगी और वह बीमारी से बचे रहेंगे। ज्योतिष की याचिका पर सुनवाई कर रहे जस्टिस ए के जयशंकरन नांबियार भड़क गए और उन्होंने याचिकाकर्ता के वकील से कहा, यह किस तरह की याचिका है?

याचिका देख जज को आया गुस्सा
जज ने आगे कहा, न्यायपालिका की जिम्मेदारी है कि वह लोगों के मौलिक अधिकार की रक्षा करे, इस तरह की मांग कोर्ट से कोई कैसे कर सकता है। जस्टिस ए के जयशंकरन ने इसे न्यायपालिका का दुरुपयोग बताते हुए इसे भद्दा मजाक बताया है। जयशंकरन ने आदेश में लिखा, देश में गंभीर बीमारी का खतरा होते हुए भी जज, कोर्ट स्टाफ और वकील अदालत में आ रहे हैं, ताकि लोगों को इंसाफ मिलने में दिक्कत न आए, क्या ऐसी याचिकाओं पर सुनवाई करने के लिए कोर्ट खुला रखा गया है?

50 हजार रुपए का जुर्माना लगा
ए के जयशंकरन ने लिखा मुझे इस याचिका पर घिन आ रही है, याचिकाकर्ता के स्वार्थी स्वभाव पर मैं सिर्फ अफसोस व्यक्त कर सकता हूं। जज का गरम मिजाज देख ज्योतिष के हाथ-पांव फूलने लगे और उसने अपनी वकील से याचिका वापस लेने की गुजारिश की। लेकिन जज ने इससे इंकार करते हुए कहा याचिका न सिर्फ न्याय के सिद्धांतों का उपहास करने वाली है इसलिए याचिकाकर्ता पर 50 हजार रुपए का जुर्माना लगाया जाता है। न्यायाधीश ने उसे यह रकम मुख्यमंत्री आपदा राहत कोष में जमा करवाने का आदेश दिया है।

केरल में कोरोना के 12 नए मामले
केरल में 12 नए मामले सामने आने से राज्य सरकार हरकत में आ गई है। यह मामले एर्णाकुलम (5), कासारगौड़ (6) और पलक्कड़ (1) से सामने आए हैं। वहीं, केरल के मंत्री वी सुनील कुमार ने बताया कि कोच्चि के अस्पताल में पांच यूनाइटेड किंगडम के नागरिकों को कोरोनो वायरस के लिए अलग वार्ड में रखा गया है। केरल सीएम पिनाराई विजयन ने 22 मार्च को 'जनता कर्फ्यू' का पूरा समर्थन किया है। उस दिन राज्य परिवहन निगम की बसें और सार्वजनिक परिवहन बंद रहेंगे। उस दिन मेट्रो भी नहीं चलेगी। लोगों को घर पर ही रहना चाहिए।
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