देश में घट रही वैक्सीन देने की रफ्तार, 35 फीसदी घट गया टीकाकरण
नई दिल्ली, 25 मई: कोरोना संक्रमण के असर को कम करने के लिए लगातार वैक्सीनेशन को बढ़ाए जाने पर जोर दिया जा रहा है। इसको लेकर भले केंद्र सरकार की ओर से कई दावे किए जा रहे हों लेकिन सच ये है कि टीकाकरण में तेजी आने के बजाय कमी दर्ज की जा रही है। कई राज्यों ने हाल में अपने यहां वैक्सीन का स्टॉक ना होने के चलते टीकाकरण केंद्रों को बंद किया है। जिसके असर ये हुआ है कि देश में वैक्सीनेसन में 35 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है।

एक रिपोर्ट के मुताबिक, 23 मई को टीकाकरण एक सप्ताह पहले के मुकाबले 35 फीसदी तक घट गया है। इसके पीछे कई राज्यों में वैक्सीन का कम होना है। कई राज्यों ने वैक्सीन ना होने की बात कहते हुए 18 से 44 आयुवर्ग के लिए वैक्सीन सेंटर बंद कर दिए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, महाराष्ट्र, गुजरात और दिल्ली ने बेहतर टीकाकरण किया है।
हाल ही में इंटरनेशनल मॉनिट्ररी फंड (आईएमएफ) की ओर से भी एक जारी की गई थी। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि अगर किसी ग्लोबल वैक्सीनेशन प्लान के तहत ना बढ़ा गया और ऐसे ही सब चलता रहा तो 2021 के आखिर तक भारत अपनी 35 फीसदी आबादी को भी कोरोना का टीका नहीं लगा पाएगा।
देश में जनवरी में कोरोना टीकाकरण शुरू किया गया था। सबसे पहले स्वास्थ्यकर्मियों को टीका दिया गया था। इसके बाद 45 साल से ज्यादा उम्र के लोगों को टीका दिया जाना शुरू हुआ। एक मई से 18 साल से ज्यादा के सभी लोग वैक्सीन लगवा सकते हैं। हालांकि देश को वैक्सीन की कमी का सामना लगातार करना पड़ रहा है। कई राज्य लगातार इस बात को कह रहे हैं कि उनको जितनी जरूरत है, उतनी वैक्सीन नहीं मिल पा रही है।












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