देश के लिए पिछले 9 दिन रहे सबसे भारी, 20 हजार से ज्यादा लोगों ने गंवाई जान, ये हैं सबसे प्रभावित राज्य
नई दिल्ली, अप्रैल 28: कोरोना महामारी की पहली लहर ने पूरे देश में एक करोड़ से ज्यादा लोगों को संक्रमित किया लेकिन मृत्युदर काफी कम रही। इस बार दूसरी लहर में हालात एकदम विपरीत हैं, एक ओर रोजाना के केस तेजी से बढ़ रहे हैं, तो वहीं दूसरी ओर मौत के आंकड़े भी सारे रिकॉर्ड तोड़ रहे। सरकारी आंकड़ों के ही हिसाब से देखा जाए तो पिछले 9 दिन देश के लिए ज्यादा घातक रहे हैं।

स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक भारत में 20 से 28 अप्रैल के बीच कोरोना से 20 हजार से ज्यादा मौतें हुई हैं, जबकि 1 अप्रैल से 28 अप्रैल तक ये आंकड़ा 38260 था। ऐसे में देखा जाए तो पिछला एक हफ्ता काफी भयानक रहा, जहां मंगलवार को आंकड़ा 3000 हजार के पार चला गया। हालांकि विपक्षी दलों का दावा है कि सरकार आंकड़े छिपा रही है, क्योंकि स्वास्थ्य मंत्रालय के रिकॉर्ड से ज्यादा अंतिम संस्कार श्मशान घाटों पर हो रहे हैं।
महाराष्ट्र, दिल्ली और उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा मौतें हुई हैं। मंगलवार को दिल्ली और महाराष्ट्र दोनों ने रिकॉर्ड संख्या में मौत की रिपोर्ट दी, जहां महाराष्ट्र में 895, दिल्ली में 381, उत्तर प्रदेश में 264, छत्तीसगढ़ में 246, कर्नाटक में 180, गुजरात में 170, झारखंड में 131, राजस्थान में 121, पंजाब में 100, मध्य प्रदेश में 98 लोगों ने जान गंवाई। स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक देशभर में कुल 78.53 प्रतिशत मौतें इन्हीं राज्यों में दर्ज की गई हैं।
यहां पर नहीं हुई किसी की मौत
10 राज्यों ने भले ही रिकॉर्ड तोड़ा हो, लेकिन पांच राज्य/केंद्र शासित प्रदेश ऐसे हैं, जहां पर पिछले 24 घंटें में किसी भी मौत नहीं हुई। इसमें दमन- दीव और दादरा-नगर हवेली, लक्षद्वीप, मिजोरम, अरुणाचल प्रदेश, अंडमान निकोबार द्वीप शामिल हैं।












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